29 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहा पेंशन का लाभ, डीबीटी से पारदर्शिता

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रदेश की लाखों बुजुर्ग महिलाओं के लिए जीवन का नया आधार बनकर उभरी है। वर्तमान में राज्य सरकार 29,23,364 बुजुर्ग महिलाओं को नियमित पेंशन का लाभ प्रदान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर और निराश्रित महिलाओं के लिए यह योजना केवल एक सरकारी सहायता नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे की सबसे मजबूत लाठी साबित हो रही है, जिससे उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान मिला है। पारदर्शिता और डीबीटी: बिचौलियों का खेल खत्म योगी सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी पारदर्शिता है। समाज कल्याण

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Published On :

मई 8, 2026

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रदेश की लाखों बुजुर्ग महिलाओं के लिए जीवन का नया आधार बनकर उभरी है। वर्तमान में राज्य सरकार 29,23,364 बुजुर्ग महिलाओं को नियमित पेंशन का लाभ प्रदान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर और निराश्रित महिलाओं के लिए यह योजना केवल एक सरकारी सहायता नहीं, बल्कि उनके बुढ़ापे की सबसे मजबूत लाठी साबित हो रही है, जिससे उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान मिला है।

पारदर्शिता और डीबीटी: बिचौलियों का खेल खत्म
योगी सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी पारदर्शिता है। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दी जाने वाली 1,000 रुपये प्रति माह की सहायता राशि अब बिचौलियों के बजाय सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रही है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के तहत हर तिमाही 3,000 रुपये सीधे बुजुर्ग महिलाओं के बैंक खातों में जमा किए जा रहे हैं। इस डिजिटल पहल ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश को खत्म कर दिया है और पात्र महिलाओं को समय पर आर्थिक संबल सुनिश्चित किया है।

पूर्वांचल में सबसे अधिक लाभ: जौनपुर रहा नंबर वन
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो पूर्वांचल के जिलों में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला है। जौनपुर जिला इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जहाँ 1,00,820 बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन मिल रही है। इसके बाद आजमगढ़ (86,166) और बलिया (79,160) का स्थान है। प्रशासन का विशेष जोर उन महिलाओं की पहचान करने पर है जो अब भी इस दायरे से बाहर हैं, ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला सामाजिक सुरक्षा के इस चक्र से वंचित न रहे।

आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान में वृद्धि
नियमित आर्थिक सहायता ने बुजुर्ग महिलाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक बदलाव लाया है। अब उन्हें दवा, राशन और छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इस आत्मनिर्भरता ने परिवारों के भीतर भी उनकी स्थिति को मजबूत किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाएं अब अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन जी रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य इस योजना का दायरा बढ़ाकर प्रदेश की हर निराश्रित बुजुर्ग महिला को सशक्त और स्वावलंबी बनाना है।

 

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