फार्म-टू-कंज्यूमर मॉडल से सीधे घर पहुंचेगा जैविक भोजन, किसानों को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गोसेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकली सब्जियां आदि और अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए इस गोशालाओं को खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में चयनित गोशालाओं के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गोसेवा

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Published On :

जून 18, 2026

लखनऊ
प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गोसेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकली सब्जियां आदि और अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए इस गोशालाओं को खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में चयनित गोशालाओं के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गोसेवा आयोग ने इसके लिए ‘फार्म टू कंज्यूमर’ (खेत से सीधे उपभोक्ता तक) माडल बनाया है।

गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष ने क्या बताया?
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं के सहयोग से तैयार होने वाली 100 प्रतिशत जैविक सब्जियां, फल और अनाज इसके माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचेंगे।

इनके अलावा औषधीय उत्पाद, पंचगव्य घी, और शुद्ध दूध भी इस चेन का हिस्सा होंगे। इससे केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, गोशालाएं ही उनका बाजार बनेंगी।