रिश्वत मांगते रंगे हाथों पकड़ा गया ऑपरेटर, मंत्री ने मौके पर ही दिए निलंबन के आदेश

 पटना 'फोन की घंटी बजी… उधर से कॉल रिसीव हुई… और फिर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी गई. लेकिन फोन के दूसरी तरफ सिर्फ फरियादी नहीं थे, बिहार सरकार के एक मंत्री भी पूरी बातचीत सुन रहे थे. यह मामला बिहार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ा है. दरअसल, सीतामढ़ी में विभाग का एक डेटा एंट्री ऑपरेटर अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।  शिकायत जब विभागीय मंत्री लखेंद्र पासवान तक पहुंची, तो उन्होंने मौके पर ही इसकी सच्चाई परखने का फैसला किया. सीतामढ़ी से आए

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 1, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 पटना

'फोन की घंटी बजी… उधर से कॉल रिसीव हुई… और फिर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी गई. लेकिन फोन के दूसरी तरफ सिर्फ फरियादी नहीं थे, बिहार सरकार के एक मंत्री भी पूरी बातचीत सुन रहे थे. यह मामला बिहार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ा है. दरअसल, सीतामढ़ी में विभाग का एक डेटा एंट्री ऑपरेटर अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। 

शिकायत जब विभागीय मंत्री लखेंद्र पासवान तक पहुंची, तो उन्होंने मौके पर ही इसकी सच्चाई परखने का फैसला किया. सीतामढ़ी से आए कुछ फरियादी मंत्री के पास पहुंचे थे. उनका आरोप था कि सरकारी सहायता राशि जारी कराने के लिए उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं. मंत्री ने उनकी पूरी बात सुनी और फिर कहा कि अभी उसी कर्मचारी को फोन लगाइए। 

फोन मिलाया गया. कॉल स्पीकर पर थी. कमरे में मौजूद सभी लोग बातचीत सुन रहे थे. डाटा एंट्री ऑपरेटर ने बिना किसी झिझक के अनुदान राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी. उसे शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसकी आवाज सीधे मंत्री तक पहुंच रही है. बातचीत खत्म होते ही कमरे का माहौल बदल गया। 

मंत्री लखेंद्र पासवान ने तुरंत सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी को फोन लगाया. उन्होंने रिश्वत मांगने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया. साथ ही यह भी कहा कि जिस ऑफिस में यह कर्मचारी तैनात था, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए. अगर उनकी लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया है. मामला अब सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

इस पूरे मामले को लेकर मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के पीड़ितों को सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनका कानूनी अधिकार है. अगर कोई कर्मचारी उस अधिकार के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए. यहां मंत्री ने शिकायत करने वालों के सामने ही आरोपी कर्मचारी से बात कराई और उसी बातचीत के आधार पर तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दे दिए. फिलहाल मंत्री के निर्देश के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी. फिलहाल मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 

2