Opration Sindoor: भारत आज अपने सैन्य इतिहास के उस स्वर्णिम अध्याय की पहली वर्षगांठ मना रहा है, जिसने सीमा पार बैठे दुश्मनों के हौसले पस्त कर दिए थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने पर पूरा देश भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान को याद कर रहा है। चार दिनों तक चले इस भीषण संघर्ष में भारतीय सेना ने वह कर दिखाया, जिसका लोहा आज पूरी दुनिया मान रही है।
राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों के शौर्य की सराहना की
बताते चले कि, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सेना के पराक्रम की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कहा कि इस अभियान के दौरान सेना ने बेहतरीन संयुक्त समन्वय और युद्ध कौशल (Joint Coordination and Combat Skills) का बेजोड़ उदाहरण पेश किया। राजनाथ सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन ने आधुनिक सैन्य अभियानों के मानक (Standards for Modern Military Operations) को एक नई ऊंचाई दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विजय भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय मजबूती (Self-reliance and National Strength) का जीवंत प्रमाण है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का विशेष सम्मान
सेना के इस गौरवशाली अभियान को सम्मान देने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी एक खास कदम उठाया। उन्होंने X पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लोगो लगाया। यह कदम न केवल सेना के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के दृढ़ संकल्प और रणनीतिक इच्छाशक्ति (Firm Resolve and Strategic Will) का संदेश भी देता है। सरकार के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सेना के प्रति दिखाया गया यह सम्मान देश की सुरक्षा तत्परता और एकता (Security Preparedness and Unity) को प्रदर्शित करता है।
बैसरन घाटी का वो काला दिन
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि उस दर्दनाक घटना से जुड़ी है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर की शांत बैसरन घाटी (पहलगाम) अचानक खून से लाल हो गई थी। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साजिश (Conspiracy to Trigger Communal Violence) के तहत 26 निर्दोष पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य और क्रूर आतंकवादी हमले (Heinous and Cruel Terrorist Attack) में हिंदू पर्यटकों सहित एक नेपाली नागरिक ने अपनी जान गंवाई थी। आतंकवाद के इस वीभत्स चेहरे ने भारत के धैर्य की परीक्षा ली थी।
भारतीय नौसेना का संकल्प
इस अवसर पर भारतीय नौसेना ने भी अपना आधिकारिक वक्तव्य जारी किया। नौसेना के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की अडिग इच्छाशक्ति और सटीक सैन्य कार्रवाई (Unwavering Will and Precise Military Action) का प्रतीक है। जब राष्ट्र की संप्रभुता को चुनौती दी गई, तब जल, थल और नभ की सेनाओं ने एकजुट होकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया। नौसेना ने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन भारत की क्षेत्रीय अखंडता और रक्षा शक्ति (Regional Integrity and Defense Power) का वह सुदृढ़ स्तंभ है, जो भविष्य में किसी भी हिमाकत के खिलाफ चेतावनी के रूप में खड़ा है।










