UP Politics: ‘न राम के हुए, न कृष्ण के…’ ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा बड़ा तंज

कृष्ण जन्माष्टमी पर ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राजभर ने कथित इंटरव्यू का हवाला देते हुए सवाल किया कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश ‘जय श्रीराम’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ बोलने से क्यों बचते हैं। उन्होंने अखिलेश पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर भी निशाना साधा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 5, 2026

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UP Politics: कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव के एक कथित इंटरव्यू का हवाला दिया और उनके धार्मिक नारों को लेकर सवाल खड़े किए।

जन्माष्टमी पर अखिलेश यादव को लेकर राजभर ने क्या कहा?

ओपी राजभर ने दावा किया कि एक इंटरव्यू में पत्रकार ने अखिलेश यादव से पूछा था कि ‘जय श्रीराम’ बोला जाए या ‘जय श्रीकृष्ण’। ओपी राजभर के मुताबिक, सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अखिलेश यादव ने बात बदल दी। उन्होंने इसी को मुद्दा बनाते हुए कहा कि अखिलेश यादव एक बार भी ‘जय श्रीराम’ या ‘जय श्रीकृष्ण’ नहीं बोल सके।

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव की पहचान पर उठाया सवाल

ओपी राजभर ने अपने बयान में कहा कि अखिलेश यादव खुद को यदुवंशी बताते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने से भी बचते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राजनीतिक कारणों या वोट बैंक के दबाव के चलते अखिलेश यादव अपने आराध्य का नाम खुलकर नहीं ले सकते।

‘क्या 18 प्रतिशत वोट का इतना डर है?’

सुभासपा अध्यक्ष ने अपने बयान में 18 प्रतिशत वोट का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या किसी खास वोट समूह के नाराज होने के डर से अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम का नाम लेने से बचते हैं। राजभर ने यह भी सवाल उठाया कि अगर वे खुद को यदुवंशी कहते हैं तो उनकी जन्मभूमि मानी जाने वाली मथुरा क्यों नहीं जाते।

अखिलेश यादव की राजनीति पर राजभर का तंज

ओपी राजभर ने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो एक दिन अखिलेश यादव की अपनी बिरादरी उनसे सवाल करेगी। उन्होंने उनके यदुवंशी होने के दावे को लेकर भी राजनीतिक कटाक्ष किया। राजभर के मुताबिक, किसी नेता की राजनीतिक सोच और उसकी सामाजिक पहचान के बीच विरोधाभास नहीं होना चाहिए।

अखिलेश यादव पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ का आरोप

सुभासपा प्रमुख ने अखिलेश यादव पर एक वर्ग विशेष को खुश करने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों की सफलता की कामना करते हैं और ऐसे मौकों पर टोपी भी पहनते हैं, लेकिन भगवान राम और कृष्ण का नाम लेने से बचते हैं।

धार्मिक मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज

राजभर के इस बयान के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक प्रतीकों और वोट बैंक की राजनीति को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, अखिलेश यादव की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने आने की बात इस दिए गए विवरण में नहीं है। ऐसे में राजभर का बयान फिलहाल उनके राजनीतिक हमले के तौर पर सामने आया है।

अखिलेश यादव को लेकर दिया विवादित राजनीतिक बयान

ओपी राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि वे न राम के हुए, न कृष्ण के और न ही यदुवंश के। उन्होंने तंज करते हुए कहा, ‘अरे महाराज, किसी के तो सगे बन जाइए।’ राजभर ने इसी के साथ अखिलेश यादव को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं।

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर भी राजभर ने कही बड़ी बात

ओपी राजभर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एक दिन अखिलेश यादव का ‘जमीर जागेगा’ और वे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग का समर्थन करेंगे। इस बयान के जरिए उन्होंने धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे को सीधे अखिलेश यादव की राजनीति से जोड़ने की कोशिश की।

पोस्ट के अंत में लगाए कई धार्मिक और सामाजिक नारे

ओपी राजभर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में ‘जय श्रीराम’, ‘जय श्रीकृष्ण’, ‘जय परशुराम’, ‘जय महाराजा सुहेलदेव’, ‘जय सुभासपा’ और ‘जय सनातन’ के नारे भी लिखे। जन्माष्टमी के मौके पर आया यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में जारी राजनीतिक वार-पलटवार की एक और कड़ी माना जा रहा है।

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