एमपी में खाद की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम शुरू, अगले महीने से होगी होम डिलीवरी

भोपाल  एमपी में बुआई के हर मौसम में किसानों की खाद लेने के लिए लगी कतारें सरकार और पब्लिक दोनों को परेशान करती हैं। अब सरकार किसानों को खाद की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा देने जा रही है। यही नहीं खाद की होम डिलेवरी सेवा पर भी काम चल रहा है। मप्र के कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों की पूरी डिटेल दर्ज कराई है। इसमें किसान की खेती की भूमि का रकबा और उसमें बोई जाने वाली फसलों के साथ ही लगने वाली खाद की भी अनुमानित खपत दी है।  किसानों को खाद मिलने में पहले

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 22, 2026

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भोपाल 

एमपी में बुआई के हर मौसम में किसानों की खाद लेने के लिए लगी कतारें सरकार और पब्लिक दोनों को परेशान करती हैं। अब सरकार किसानों को खाद की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा देने जा रही है। यही नहीं खाद की होम डिलेवरी सेवा पर भी काम चल रहा है।

मप्र के कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों की पूरी डिटेल दर्ज कराई है। इसमें किसान की खेती की भूमि का रकबा और उसमें बोई जाने वाली फसलों के साथ ही लगने वाली खाद की भी अनुमानित खपत दी है।
 किसानों को खाद मिलने में पहले परेशानी का जरूर सामना करना पड़ता था, लेकिन अब किसानों को समय बचाने के लिए होम डिलीवरी शुरू की गई है. जिले के किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी. इसके बाद किसानों के घर में खाद पहुंचाई जाएगी. जिसके लिए ₹25 का शुल्क देना होगा. हालांकि यह सुविधा डबल लॉक केंद्र के 5 किलोमीटर के दायरे में फिलहाल शुरू की गई है, जिसका विस्तार भी किया जाएगा.

अब किसानों के घर पहुंचेगी खाद
इसके पहले किसानों को डबल लॉकर या विक्रय केंद्र में जाकर खाद लेना पड़ता था. लेकिन यह सुविधा भी अभी जारी रहेगी. इसके अलावा अब किसान 25 रूपए प्रति बोरी देकर अपने घर से पोर्टल में जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर खाद की होम डिलेवरी भी कर सकेंगे. जहां योजना के तहत उर्वरक की होम डिलेवरी पर परिवहन शुल्क ₹15 प्रति बैग और लोडिंग, अनलोडिंग शुल्क ₹10 देना होगा, मतलब ₹25 कुल किसानों को होम डिलेवरी के लिए खर्च करने होंगे.

किसान चुन सकेंगे होम डिलीवरी का विकल्प
योजना के पहले किसान सुहाजनी के ओमप्रकाश बने जिन्होंने ऑनलाइन बुकिंग कर 14 बोरी यूरिया की बुकिंग की. इसके बाद डबल लॉक केंद्र से उनके घर यूरिया की 14 बोरी भिजवाई गई. किसान का कहना है यह योजना काफी अच्छी है, जिससे अब समय भी बचेगा और केंद्र में लगने वाली लाइनों से भी राहत मिलेगी. बहरहाल यह सुविधा जबलपुर के डबल लॉकर मझोली, सिहोरा और शहपुरा में शुरू कर दी गई है. जिसका लाभ अब किसान उठाने लगे हैं.

चयनित उर्वरक विक्रेता के यहाँ पर ई-टोकन से कृषक उर्वरक क्रय कर सकेंगे  जिसकी वैद्यता 03 दिवस की रहेगी। जो किसान जिस सहकारी समिति का डयू सदस्य है, टोकन उसी समिति पर बुक करना होगा।
सहकारी समिति के ऋणी कृषक सदस्य जिनकी खरीफ सीजन में खाद लेकर लिमिट पूरी हो चुकी है, वे नगद राशि जमा कर लिमिट खुलवा सकते है। ओवर डयू सदस्य या अन्य किसान, विपणन संघ के गोदाम, एमपी एग्रो, प्राइवेट विक्रेता पर टोकन बुक कर सकते है। टोकन की वैद्यता 03 दिवस रहेगी, पात्रता मिलने तक 3-3 दिवस के अंतराल पर बार-बार टोकन बुक किया जा सकता है।

 

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