UP News: ओवैसी के यूपी दौरे से पहले घमासान! राजभर ने दी सीधी चेतावनी, ‘हैसियत में रहें’

एआईएमआईएम (AIMIM) प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव पर की गई विवादित टिप्पणी से यूपी की राजनीति गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें अपने नेताओं को संयमित भाषा बोलने की नसीहत दी है। राजभर ने इसे इतिहास के नायकों का अपमान बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 13, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश की सियासत में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के संभावित दौरे ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस हलचल के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी पर सीधा और तीखा हमला किया है। राजभर का यह आक्रोश एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद आया है, जिसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है।

महाराजा सुहेलदेव पर विवादित टिप्पणी से गरमाया माहौल

बताते चले कि, विवाद की जड़ शौकत अली का वह बयान है जिसमें उन्होंने कहा था, “मैं राजा सुहेलदेव को राजा मानता ही नहीं। अगर वे राजा होते तो बहराइच में उनका कोई किला होता। यह सब काल्पनिक है।” इस बयान ने इतिहास के नायकों के अपमान का मुद्दा खड़ा कर दिया है। इसी कड़ी में ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर वीडियो शेयर करते हुए शौकत अली को उनके बयानों के लिए आड़े हाथों लिया और उन्हें संयम बरतने की नसीहत दी।

ओवैसी को दी नसीहत

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी को संबोधित करते हुए कहा कि जब वे उत्तर प्रदेश आ रहे हैं, तो उन्हें अपने सिपहसालारों को भी अपनी ‘हैदराबादी बैरिस्टरी’ का कुछ ज्ञान देना चाहिए। ओपी राजभर ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने नेताओं को यह समझाना चाहिए कि अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप ही भाषा का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि अहंकार और अनावश्यक उग्रता का प्रदर्शन इतिहास में कभी किसी को सम्मान नहीं दिलाता, बल्कि यह केवल ओछी मानसिकता को दर्शाता है।

इतिहास के गौरव का किया उल्लेख

ओपी राजभर ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का स्मरण दिलाते हुए कहा कि बहराइच वही पावन भूमि है जहाँ चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष कर भारत के स्वाभिमान की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि शौकत अली को यह याद रखना चाहिए कि विदेशी आक्रमणकारियों ने जब भी इस धरती की अस्मिता को चुनौती दी, तब यहाँ के वीरों ने उनके अभिमान को धूल में मिला दिया था। यह इतिहास का वह अध्याय है जिसे नकारा नहीं जा सकता।

अपनी बात को समाप्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उत्तर प्रदेश अपने इतिहास और अपने नायकों का सम्मान करना बखूबी जानता है। उन्होंने ओवैसी से मांग की कि वे अपने साथी को संकेत दें कि वे मर्यादित भाषा का प्रयोग करें। राजभर का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी महाराजा सुहेलदेव के सम्मान पर किसी भी प्रकार की राजनीति या अपमान को सहन करने को तैयार नहीं है।