Om Birla: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के बीच इस प्रस्ताव पर बैठक हुई। विपक्ष का कहना है कि यदि उन्हें संसद में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए अपनी आवाज़ उठाएंगे।
दिल्ली के 9 स्कूलों को बम धमकी, जांच में जुटी बम स्क्वाड और पुलिस
विपक्ष की मांगें और हंगामा

विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी लोकसभा में सांसदों के निलंबन और महिला सांसदों पर लगे विवादित आरोपों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसी को लेकर सोमवार (9 फरवरी, 2026) को सुबह लोकसभा में विपक्ष ने हंगामा किया, जिससे संसद की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष का यह भी कहना है कि संसद में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। यदि सांसदों को अपने विचार व्यक्त करने की आज़ादी नहीं दी गई, तो अविश्वास प्रस्ताव लाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। इस कदम से विपक्ष यह संदेश देना चाहता है कि सरकार और स्पीकर को सांसदों की आवाज़ दबाने का अधिकार नहीं है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग
विपक्ष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि सरमा एक मुख्यमंत्री होते हुए ऐसे वीडियो बनवाते हैं जो विवादास्पद हैं और फिर बीजेपी उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है, बाद में वह पोस्ट डिलीट कर देती है।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की है कि हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि अगर उच्च पद पर बैठे अधिकारी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होंगे, तो लोकतंत्र और जनता की भावनाओं की अवमानना होगी।
संसद में विपक्ष की रणनीति
विपक्ष की रणनीति यह है कि यदि उन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, तो अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से स्पीकर के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाएगा। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को निर्देश दिया कि सभी दलों के सांसद मिलकर इस मुद्दे को उठाएं।
विपक्ष का यह भी कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और सांसदों के अधिकारों की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने यह साफ किया कि संसद में बोलने का अधिकार हर सांसद का संवैधानिक अधिकार है और उसे दबाया नहीं जा सकता।
Delhi Bomb Threat: दिल्ली के स्कूलों में बम धमकी से अफरा-तफरी, सुरक्षा बढ़ाई गई










