Odisha Crime: ओडिशा में शिक्षा जगत शर्मसार, स्कूल छात्रा से हैवानियत मामले में 5 गिरफ्तार

ओडिशा के केंद्रपाड़ा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक निजी स्कूल में 7वीं की छात्रा के साथ पिछले 2 साल से घिनौना खेल चल रहा था। मामले में 3 शिक्षकों, एक चपरासी और सहयोग करने वाली महिला शिक्षिका की गिरफ्तारी ने स्कूल की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठा दिए हैं।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 22, 2026

Odisha Crime: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज और शिक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ के एक प्रतिष्ठित निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ लंबे समय तक यौन उत्पीड़न किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। 21 फरवरी 2026 को इस संबंध में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के पांच कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। इस घटना ने न केवल अभिभावकों के मन में डर पैदा कर दिया है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।

मां की बहादुरी से उजागर हुआ घिनौना सच

इस भयावह मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की मां ने राजकनिका पुलिस स्टेशन में न्याय की गुहार लगाई। शिकायत के अनुसार, बच्ची पिछले काफी समय से स्कूल के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक शोषण का शिकार हो रही थी। आरोपी बच्ची को डराने-धमकाने और अनुचित प्रलोभन देने के जरिए चुप रहने का दबाव बनाते थे। पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि 14 जनवरी को स्कूल से लौटने के बाद उसने काफी हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने बिना देर किए कानून की मदद लेने का फैसला किया।

पुलिस की छापेमारी और आरोपियों की धरपकड़

शिकायत दर्ज होते ही केंद्रपाड़ा पुलिस एक्शन मोड में आ गई। स्टेशन ऑफिसर संजय मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने स्कूल परिसर में अचानक छापेमारी की। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में चंदन कुमार प्रुस्ती (37), बिस्वा रंजन साहू (31), रश्मि कांता बिस्वाल (47), महिला कर्मचारी मिनती बाई (34) और चपरासी रश्मि रंजन राणा (32) शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घिनौने कृत्य में स्कूल के अन्य लोग भी शामिल थे या क्या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।

पॉक्सो और गैंग रेप की धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न संगीन धाराओं और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट, 2012 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ओडिशा पुलिस इस मामले की जांच ‘स्विफ्ट ट्रायल इनिशिएटिव’ के तहत कर रही है, जिसका उद्देश्य विशेष अदालतों के माध्यम से आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाना और पीड़ित बच्ची को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।

फोरेंसिक साक्ष्य और पीड़िता की काउंसलिंग

जांच को पुख्ता बनाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने स्कूल से नमूने एकत्र किए हैं। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसका आधिकारिक बयान एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में दर्ज किया जा रहा है, ताकि बच्ची सहज महसूस कर सके। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने बच्ची के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। एसपी केंद्रपाड़ा स्वयं इस केस की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं।

जनता में भारी आक्रोश और सुरक्षा की मांग

इस घटना के बाद पूरे जिले में तनाव और गुस्से का माहौल है। राजकनिका थाने के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अभिभावक जमा हो गए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग करने लगे। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि सभी निजी और सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी निगरानी और स्टाफ के चरित्र सत्यापन (Police Verification) को अनिवार्य किया जाए। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि स्कूल जैसे सुरक्षित समझे जाने वाले स्थानों पर भी बच्चों के प्रति सतर्कता और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल की कितनी आवश्यकता है।

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