Heat Wave: उत्तर भारत इस समय विनाशकारी और जानलेवा ग्रीष्म लहर (हीटवेव) की चपेट में आ गया है। उत्तर प्रदेश, देश की राजधानी दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत देश के कई बड़े सूबे भीषण सूर्य की तपिश से झुलस रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिगड़ते हालातों को देखते हुए यूपी और मध्य प्रदेश के कई संभागों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) घोषित कर दिया है। आसमान से बरसती इस आग के बीच उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका सबसे ज्यादा तप रहा है, जहाँ बांदा जिले में इस सीजन का उच्चतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
http://काल भैरव मंदिर में शुरू हुई पेड VIP दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं को मिलेगी अलग सुविधा
बुंदेलखंड के जिलों में ‘रेड अलर्ट’
बताते चले कि, उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में चिलचिलाती धूप और लू (Severe Heatwave) के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बांदा के साथ-साथ चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, हमीरपुर, जालौन, महोबा और झांसी जैसे जिलों में अत्यधिक गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार ही बना रहेगा, जिससे लोगों को फिलहाल इस जानलेवा तपिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दिल्ली-NCR बना भट्ठी
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के सैटेलाइट शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में भी सूर्य की मार ने लोगों की मुश्किलें बेतहाशा बढ़ा दी हैं। पिछले एक हफ्ते से जारी तेज और गर्म हवाओं (थपेड़ों) को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के लिए ‘येलो अलर्ट’ को अपग्रेड करके अब ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) में बदल दिया है। अनुमान है कि दिल्ली का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस की सीमा को लांघ सकता है और अगले पांच दिनों तक यहाँ का न्यूनतम या दिन का पारा 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने के कोई आसार नहीं हैं।
राजस्थान और महाराष्ट्र में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और गर्म रातें
गर्मी का यह प्रचंड तांडव केवल यूपी या दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पारा 46.3 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि मरुस्थलीय इलाकों में अब रातें भी ठंडी नहीं हो रही हैं और रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। वहीं पंजाब और हरियाणा में भी पारा 47 डिग्री के मुहाने पर खड़ा है। उधर महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में भी प्रशासन ने ‘तीव्र लू’ (Severe Heatwave) की घोषणा करते हुए लोगों को दोपहर के वक्त घरों में ही रहने की हिदायत दी है।
देश में क्लाइमेट का ‘डबल अटैक’
भारत इस समय मौसम के दो चरम छोरों (Double Attack) का एक साथ सामना कर रहा है। जहां एक ओर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में सूरज की तपिश और गर्म रातें (Warm Nights) लोगों को झुलसा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में जहाँ उमस वाली गर्मी परेशान करेगी, वहीं पूर्वोत्तर भारत, केरल, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ अत्यंत भारी बारिश (Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
अल नीनो (El Nino) का बढ़ता खतरा
भारत में लगातार बढ़ रही इस अप्रत्याशित और दीर्घकालिक लू के पीछे के वैज्ञानिक कारणों पर से भी पर्दा उठ गया है। हाल ही में आए एक नए रिसर्च (अध्ययन) के मुताबिक, प्रशांत महासागर में सक्रिय ‘एल नीनो-सदर्न ऑसिलेशन’ (ENSO) भारत में चरम मौसमी बदलावों और चरम तापमान के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार कारक बनकर उभरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘एल नीनो’ वाले वर्षों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के वायुमंडल में असामान्य गर्मी पैदा होती है, जिससे हीटवेव की अवधि बहुत लंबी हो जाती है। जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में इस प्राकृतिक चक्र को समझना और उसके अनुरूप सुरक्षा तैयारियां करना अब बेहद जरूरी हो गया है।










