शादी में शामिल होने आए थे नितिन नबीन, अब राज्यसभा की राह पर रजनीश अग्रवाल; दिग्गजों को पीछे छोड़ने की चर्चा

भोपाल  राज्यसभा में मध्य प्रदेश कोटे की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने हैं। बीजेपी ने अपने कब्जे वाली दो सीटों के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है।रजनीश अग्रवाल को पार्टी में 'बूथ का भूत' कहा जाता है। वे साल 2021 से मध्य प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश के 65 हजार बूथों का डिजिटाइजेशन किया गया। बूथों को A, B, C और D कैटेगराइज करने का काम भी उन्होंने कराया। इसके अलावा 30 मतदाताओं पर अर्द्धपन्ना प्रभारी नियुक्त करने की

Wrriten By :

Editor

Published On :

जून 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल 

राज्यसभा में मध्य प्रदेश कोटे की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होने हैं। बीजेपी ने अपने कब्जे वाली दो सीटों के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है।रजनीश अग्रवाल को पार्टी में 'बूथ का भूत' कहा जाता है। वे साल 2021 से मध्य प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश के 65 हजार बूथों का डिजिटाइजेशन किया गया। बूथों को A, B, C और D कैटेगराइज करने का काम भी उन्होंने कराया।

इसके अलावा 30 मतदाताओं पर अर्द्धपन्ना प्रभारी नियुक्त करने की रणनीति से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी का वोट शेयर बढ़ाने की योजना बनाने में भी उनकी भूमिका रही है।

एमपी से राज्यसभा में सवर्ण सांसद नहीं
एमपी के 11 राज्यसभा सांसदों में बीजेपी के 8 सांसद हैं। इनमें ओबीसी और एससी वर्ग के तीन-तीन सांसद हैं। एक एसटी और एक ईसाई यानी अल्पसंख्यक वर्ग से भी एक सांसद रहे। लेकिन प्रदेश से सामान्य वर्ग का एक भी सांसद राज्यसभा में नहीं था।

ऐसे में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया कि एमपी से किसी सवर्ण नेता को इस बार राज्यसभा भेजा जाएगा।

कैसे रेस से बाहर हुए दिग्गज नेता
मध्य प्रदेश बीजेपी की तरफ से केंद्रीय नेतृत्व को राज्यसभा के लिए ब्राह्मण वर्ग से डॉ. नरोत्तम मिश्रा, क्षत्रिय वर्ग से डॉ. अरविंद भदौरिया, अखंड प्रताप सिंह, वैश्य वर्ग से कैलाश विजयवर्गीय, रजनीश अग्रवाल और मुन्ना लाल गोयल के नाम भेजे गए थे।

कैलाश विजयवर्गीय राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री होने के चलते रेस से बाहर कर दिए गए। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और डॉ. अरविंद भदौरिया ढाई साल पहले विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। पार्टी में यह राय बनी कि राज्यसभा का अवसर ऐसे कार्यकर्ता को दिया जाए, जिसे हाल के चुनावों में मौका नहीं मिला हो।

ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल भी चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने लंबे समय से संगठन में सक्रिय और पर्दे के पीछे काम करने वाले रजनीश अग्रवाल के नाम पर मुहर लगा दी।

ABVP के बाद बीजेपी में आए
सागर जिले के मंडीबामोरा कस्बे के रहने वाले रजनीश अग्रवाल पैरों से दिव्यांग हैं। इसके बावजूद काम के मामले में पार्टी के दूसरे नेताओं को पीछे छोड़ देते हैं। पत्रकारिता के छात्र रहे अग्रवाल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में लंबे समय तक काम करने के बाद भाजपा में आए।

वीडी ने आगे बढ़ाया नाम, शिवराज ने दी सहमति
रजनीश अग्रवाल को वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष रहते बूथ प्रबंधन का काम सौंपा गया था। वे वीडी की टीम में प्रदेश मंत्री भी बने। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर रजनीश को भेजने की चर्चा हुई थी। लेकिन, उस समय दिल्ली से जॉर्ज कुरियन का नाम तय हो गया था।

इस बार राज्यसभा के लिए जैसे ही सवर्ण नेता को भेजने का फॉर्मूला तय किया गया, वीडी शर्मा ने रजनीश अग्रवाल का नाम आगे बढ़ा दिया। शिवराज सिंह चौहान ने भी रजनीश को सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के तौर पर सहमति दी।

रजनीश बोले- संकोच में सीएम से टिकट मांगने नहीं गया

रजनीश अग्रवाल ने कहा- यह केवल हमारी पार्टी में ही संभव हो सकता है कि एक सामान्य से कार्यकर्ता को राज्यसभा जैसे उच्च सदन में भेजा जाए।

मैं तो संकोचवश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से यह कहने तक नहीं जा पाया कि मेरा ध्यान रखिए। पिछले कई दिन से प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात नहीं कर पाया। मैं आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह अवसर दिया।

नितिन नबीन की युवा मोर्चा टीम में कर चुके काम

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और रजनीश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में साथ काम कर चुके हैं। रजनीश अग्रवाल ने बताया- नितिन नबीन 2010 में एमपी बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी बनाए गए थे। उस दौरान जीतू जिराती प्रदेश अध्यक्ष थे। मैं उनकी टीम में प्रदेश महामंत्री था।

15 दिसंबर 2011 को मेरी शादी थी। मैंने नितिन जी को निमंत्रण दिया और मजाकिया लहजे में कहा, 'शादी में आप ही मुझे घोड़ी चढ़ाएंगे।' उन्होंने कहा, 'मैं शादी में आऊंगा।'

पंजाब में संतुलन बनाने तरुण चुग जाएंगे एमपी से राज्यसभा
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सांसद बनने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। सिंधिया वाली सीट पर केरल के ईसाई नेता जॉर्ज कुरियन को एमपी से राज्यसभा भेजा गया।

कुरियन केंद्र सरकार में मत्स्य पालन और डेयरी राज्यमंत्री हैं। वे हाल ही में केरल से विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए थे। इस बार बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है।

कुरियन की जगह अब पंजाब में बीजेपी ने राजनीतिक संतुलन बनाने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को एमपी से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी बीजेपी ने राज्यसभा कैंडिडेट नहीं बनाया है। सूत्रों के मुताबिक, जॉर्ज कुरियन अब संगठन में काम करेंगे और रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

2