
US Iran Attack: मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए सीमित सैन्य कार्रवाई की है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे बेहद मामूली कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने एक छोटा एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण तैनात किया था, जिसे अमेरिकी बलों ने महज कुछ ही मिनटों में पूरी तरह नष्ट कर दिया। उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत संवेदनशील स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप के सूजा इलाके में दो धमाके होने की पुष्टि की है।
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चुनावी झटके के बीच ट्रंप की दोहरी रणनीति और बड़ा इनाम

यह ताजा सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। युद्ध के चलते बढ़ी महंगाई और ईंधन की आसमान छूती कीमतों से नाराज मतदाताओं के असंतोष को इस चुनावी हार का मुख्य कारण माना जा रहा है। इस राजनीतिक दबाव के बाद ट्रंप एक तरफ ईरान को तबाह करने की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ संघर्ष के जल्द समाधान की उम्मीद भी जता रहे हैं। इसी बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, गुप्त ठिकानों और वैज्ञानिकों की जानकारी देने वालों को 2 करोड़ डॉलर तक का इनाम और पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी।
कतर का शांति प्रस्ताव और ‘ब्रिज डील’ का मसौदा
सैन्य टकराव के समानांतर कूटनीतिक स्तर पर भी तनाव घटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर ने परमाणु मतभेदों को सुलझाने के लिए तेहरान को नया शांति प्रस्ताव सौंपा है। औपचारिक वार्ता से पहले आपसी विश्वास बहाल करने के लिए दोनों पक्षों के बीच दो दिवसीय ‘ब्रिज डील’ पर मंथन चल रहा है। अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी समाप्त करेगा और ईरान की जब्त की गई कुछ अरब डॉलर की संपत्ति जारी करेगा। इसके बदले ईरान, हमलों में प्रभावित अपने परमाणु ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को जांच की अनुमति देगा।
ओमान के साथ बनी सहमति के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से खोल देगा। स्थायी समझौता होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी, जिसके बाद संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर विस्तृत वार्ता शुरू होगी।
ईरान की कड़ी शर्तें और क्षेत्रीय कूटनीतिक हलचल

ईरान ने सीधी परमाणु वार्ता से पहले अमेरिका के सामने कई सख्त शर्तें रखी हैं। तेहरान की मांग है कि सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए और लेबनान में इजराइली अभियानों सहित पूरे क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयां रोकी जाएं।
वहीं, अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद खाड़ी देशों में फोन पर कूटनीतिक संवाद तेज हो गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर से और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कतर के रक्षा मंत्री से हालात पर चर्चा की है। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इराक, ट्यूनीशिया और मिस्र के समकक्षों से संपर्क साधा है, जहां मिस्र ने क्षेत्र को विनाश से बचाने के लिए दोनों पक्षों से लचीला रुख अपनाने की अपील की है।
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