Nitesh Rane on Bakrid: नितेश राणे के ‘वर्चुअल बकरीद’ बयान पर सियासी बवाल, RJD ने जताई आपत्ति

आरजेडी ने नितेश राणे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी समाज में नफरत फैलाने और माहौल खराब करने वाली राजनीति करती रही है, और नितेश राणे उसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।

Nitesh Rane on Bakrid

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 26, 2026

Nitesh Rane on Bakrid: महाराष्ट्र की राजनीति से उपजी एक तीखी बयानबाजी की तपिश अब बिहार के सियासी गलियारों तक पहुंच चुकी है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा बकरीद और कुर्बानी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताते हुए चौतरफा हमला बोल दिया है।

नितेश राणे ने डिजिटल और एआई (AI) के इस दौर में मुस्लिमों को ‘वर्चुअल बकरीद’ मनाने और कंप्यूटर पर बकरे की फोटो लगाकर कुर्बानी देने की सलाह दी थी। इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नफरत फैलाने वाली और समाज को बांटने वाली राजनीति का हिस्सा करार दिया है।

Bihar Election 2026: बिहार में सियासी हलचल तेज, 9 सीटों पर विधान परिषद चुनाव तय

नितेश राणे ने आखिर क्या कहा?

इस पूरे सियासी बवाल की जड़ में बीजेपी नेता और मंत्री नितेश राणे का वह बयान है, जिसमें उन्होंने त्योहारों पर मिलने वाली ज्ञानपरक सलाहों को आधार बनाया। राणे ने कुर्बानी की रस्म पर कटाक्ष करते हुए कहा “जब भी हिंदुओं के त्योहार जैसे होली या दिवाली आते हैं, तो कुछ खास किस्म के लोग मुफ्त की सलाह देने के लिए सबसे आगे खड़े हो जाते हैं। वे कहते हैं कि पर्यावरण को बचाएं, पानी बर्बाद न करें और ‘ड्राई होली’ मनाएं, या फिर प्रदूषण के नाम पर पटाखे न फोड़ें। अब जब बकरीद का त्योहार नजदीक आ रहा है, तो इन सलाह देने वालों को मुसलमानों से भी कहना चाहिए कि वे इस बार ‘वर्चुअल बकरीद’ मनाएं। आज एआई (Artificial Intelligence) का जमाना है, कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक बकरे की तस्वीर लगाएं और वर्चुअली बकरा काटकर दिखाएं।” राणे के इसी तंज भरे बयान ने देखते ही देखते एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।

आरजेडी का तीखा पलटवार

नितेश राणे के इस बयान पर मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता एजाज अहमद ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने कहा कि नितेश राणे ने कुर्बानी जैसी धार्मिक परंपरा के संबंध में जो भी बातें कही हैं, वे पूरी तरह से भारत के संविधान और लोकतांत्रिक संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ हैं।

एजाज अहमद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से समाज में सांप्रदायिक नफरत घोलने और सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने वाले एजेंडे पर राजनीति करती आई है, और नितेश राणे ने उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश के संविधान में हर नागरिक को अपनी परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार त्योहार मनाने की पूरी आजादी है, लेकिन जब भी बकरीद का समय आता है, बीजेपी के नेताओं को अचानक ज्ञान बांटने की बीमारी हो जाती है। ऐसी भाषा और मानसिकता लोकतंत्र में कहीं से भी उचित नहीं है।

कांग्रेस ने घेरा

इस विवाद में कूदते हुए बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने भी बीजेपी और एनडीए (NDA) गठबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दे बेहद चिंताजनक हैं। ऐसे नाजुक वक्त में जिम्मेदार और संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं द्वारा इस तरह की सांप्रदायिक राजनीति करना देश के भविष्य के लिए बेहद घातक साबित होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि जिन नेताओं से अपने खुद के सरकारी विभाग नहीं संभल रहे हैं, वे सिर्फ खबरों में बने रहने और खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए लगातार विवादित और भड़काऊ बयानबाजियां कर रहे हैं। जब देश में विकास और स्थिरता पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, तब सरकार के जिम्मेदार लोग त्योहारों को लेकर विवाद खड़े कर रहे हैं। एनडीए के नेताओं को बयानबाजी का यह खेल बंद करके जनता के प्रति अपनी वास्तविक जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।

Bihar News: चेतन आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सियासत में बढ़ी हलचल