Nishikant Dubey vs Rahul Gandhi: निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, कहा- दक्षिण के नुकसान के जिम्मेदार आप

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कांग्रेस को 'झूठ की दुकान' बताते हुए जातिगत जनगणना पर पार्टी के पुराने स्टैंड और 17 अप्रैल के ऐतिहासिक घोटालों की याद दिलाई। दुबे ने सीताराम केसरी के अपमान का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के पिछड़ा विरोधी होने का दावा किया।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 17, 2026

Nishikant Dubey vs Rahul Gandhi: संसद के निचले सदन में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दूसरे दिन शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के आरोपों का पुरजोर जवाब देते हुए राहुल और प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोला। निशिकांत दुबे ने न केवल जातिगत जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस के दोहरे मापदंडों को उजागर किया, बल्कि इतिहास के पन्नों से कई विवादित घटनाओं का जिक्र कर विपक्षी दल को बैकफुट पर धकेल दिया।

निशिकांत दुबे का राहुल और प्रियंका पर सीधा हमला

बीजेपी के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे ने चर्चा की शुरुआत में ही राहुल और प्रियंका गांधी को ‘झूठ की दुकान’ करार दिया। राहुल गांधी के उस आरोप पर पलटवार करते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ओबीसी अधिकारों की अनदेखी कर रही है, दुबे ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि कैसे कांग्रेस ने समय-समय पर पिछड़ों के हितों के खिलाफ काम किया है और अब सहानुभूति बटोरने के लिए नए नैरेटिव गढ़ रही है।

17 अप्रैल का काला इतिहास

निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी को 17 अप्रैल के ऐतिहासिक घटनाक्रमों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इसी दिन 1987 में राजीव गांधी सरकार पर बोफोर्स घोटाले के आरोप लगे थे। इसके साथ ही, उन्होंने 1999 की उस घटना का भी जिक्र किया जब कांग्रेस ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरा दी थी। दुबे यहीं नहीं रुके, उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही दिन था जब सोनिया गांधी के समय ओबीसी नेता सीताराम केसरी को शौचालय में बंद कर दिया गया था, जो कांग्रेस की पिछड़ों के प्रति मानसिकता को दर्शाता है।

जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का दोहरा रवैया

जातीय गणना (Caste Census) के मुद्दे पर गोड्डा सांसद ने कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने दावा किया कि 2011 में मनमोहन सिंह सरकार के दौरान चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने इसका यह कहकर विरोध किया था कि यह देश को बांट देगी। दुबे ने सोनिया गांधी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि जातियों का डेटा सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुलायम सिंह और लालू प्रसाद के दबाव में जनगणना तो हुई, लेकिन कांग्रेस ने उसका डेटा सार्वजनिक नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

दक्षिणी राज्यों की सीटों पर राहुल को घेरा

महिला आरक्षण एक्ट 2023 (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) के कार्यान्वयन पर बोलते हुए निशिकांत दुबे ने बड़ी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष डिलिमिटेशन (परिसीमन) के बिना आरक्षण चाहता है, तो सरकार इसे 543 सीटों पर तुरंत लागू करने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि परिसीमन के बिना ऐसा करने से दक्षिणी राज्यों को सीटों का भारी नुकसान होगा और इसके लिए पूरी तरह से राहुल गांधी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही आगे बढ़ेगी।

सरकार की भावी योजना का खुलासा

बीजेपी सांसद ने सदन को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार जातिगत जनगणना और अन्य जनसांख्यिकीय डेटा जुटाने के लिए गंभीर है। उन्होंने संकेत दिया कि जनगणना की प्रक्रिया और उसके परिणाम अगले एक से दो वर्षों में देश के सामने आ सकते हैं। दुबे ने अंत में कहा कि कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है।