Niger Airbase Attack: अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहराता जा रहा है। नाइजर की राजधानी नियामे में बुधवार की आधी रात को हथियारबंद हमलावरों ने डियोरी हमानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थित वायुसेना बेस (Air Force Base) को निशाना बनाया। इस भीषण हमले ने राजधानी को धमाकों और गोलीबारी की आवाजों से दहला दिया। नाइजर के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने पुष्टि की है कि यह हमला सुनियोजित था, लेकिन सुरक्षा बलों की त्वरित जवाबी कार्रवाई ने आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
आधी रात को मोटरसाइकिल से आए हमलावर: खूनी संघर्ष का मंजर
सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे और उन्होंने वायुसेना बेस की घेराबंदी कर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। चश्मदीदों द्वारा साझा किए गए वीडियो में हवाई अड्डे के पास आग की लपटें और भारी गोलाबारी देखी जा सकती है। नाइजर के सैनिकों ने बहादुरी से मोर्चा संभाला और हमलावरों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस मुठभेड़ में नाइजर सेना के 4 जवान घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। सुरक्षा बलों ने जवाबी हमले में 20 आतंकियों को मार गिराया और 11 अन्य को हिरासत में ले लिया है, जिनमें से अधिकांश घायल अवस्था में मिले हैं।
ड्रोन को तबाह करना था मुख्य मकसद: गेम चेंजर तकनीक पर प्रहार
सैन्य विश्लेषकों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का प्राथमिक लक्ष्य एयरबेस पर तैनात नाइजीरियाई ड्रोन थे। जर्मनी के ‘कोनराड एडेनॉयर फाउंडेशन’ के साहेल कार्यक्रम प्रमुख उल्फ लेसिंग के मुताबिक, नाइजर ने हाल ही में जिहादी समूहों के खिलाफ अपनी हवाई शक्ति बढ़ाने के लिए कई आधुनिक ड्रोन खरीदे हैं। ये ड्रोन आतंकवादियों के लिए काल साबित हो रहे हैं, इसलिए आतंकी समूह इन “गेम चेंजर” हथियारों को नष्ट करना चाहते थे। ड्रोन के जरिए सेना अब दुर्गम इलाकों में छिपे आतंकियों को आसानी से निशाना बना पा रही है।
एयरलाइन विमान को पहुंचा नुकसान: नागरिक उड्डयन पर असर
इस खूनी संघर्ष की चपेट में नागरिक उड्डयन सेवाएं भी आ गईं। पश्चिम अफ्रीकी एयरलाइन ‘एयर कोटे डी आइवर’ ने फेसबुक पर बयान जारी कर बताया कि रनवे पर खड़े उसके एक विमान के धड़ और दाहिने पंख पर गोलियां लगी हैं। कंपनी ने क्षतिग्रस्त विमान की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि गोलियों की वजह से विमान को काफी नुकसान हुआ है, जिसके कारण उनके उड़ान कार्यक्रम में बड़े बदलाव हो सकते हैं। हमले के बाद हवाई अड्डे को जाने वाली सभी मुख्य सड़कों पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और इलाके को सील कर दिया गया है।
जिहादी हिंसा की आग में झुलस रहा साहेल क्षेत्र
नाइजर लंबे समय से अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIS) समर्थित आतंकवादी समूहों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। पड़ोसी देशों माली और बुर्किना फासो की तरह नाइजर में भी सैन्य शासन है, जो इन उग्रवादियों को रोकने की कोशिश कर रहा है। साल 2025 में इन समूहों के हमलों में काफी तेजी आई है, जिससे पूरे साहेल क्षेत्र की स्थिरता खतरे में पड़ गई है। 2023 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से नाइजर का पश्चिम देशों के साथ सुरक्षा सहयोग भी कमजोर हुआ है, जिसका फायदा आतंकी समूह उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष: सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती
नियामे एयरबेस पर हुआ यह हमला नाइजर की संप्रभुता और उसकी सैन्य क्षमताओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। हालांकि सेना ने बड़ी संख्या में हमलावरों को मार गिराकर अपनी ताकत दिखाई है, लेकिन राजधानी के भीतर तक आतंकियों की पहुंच प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। नाइजर सरकार ने अब हवाई अड्डों और अन्य रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को ‘रेड अलर्ट’ पर रखने का फैसला किया है।









