Nicholas Pooran: 21 करोड़ का दांव पड़ा उल्टा! लखनऊ के लिए ‘विलेन’ बने निकोलस पूरन, खराब फॉर्म ने बढ़ाई LSG की टेंशन

लखनऊ सुपर जायंट्स ने निकोलस पूरन पर 21 करोड़ का दांव उन्हें मैच विनर मानकर लगाया था, लेकिन IPL 2026 में उनकी कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। क्या पूरन का यह खराब फॉर्म LSG को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर देगा? आखिर क्यों शांत है इस तूफानी बल्लेबाज का बल्ला?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 12, 2026

Nicholas Pooran:  आईपीएल 2026 के 19वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने थीं। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में गुजरात के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का साहसी फैसला किया। लखनऊ की टीम जब बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो उसकी शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह ढह गए। ऐसे नाजुक मोड़ पर प्रशंसकों और टीम मैनेजमेंट की नजरें निकोलस पूरन पर टिकी थीं, जिन्हें इस सीजन के लिए भारी-भरकम राशि में रिटेन किया गया था। हालांकि, पूरन एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और सस्ते में पवेलियन लौट गए।

आईपीएल 2026 में पूरन का निराशाजनक सफर: आंकड़ों की जुबानी

निकोलस पूरन को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 21 करोड़ रुपये की मोटी रकम खर्च करके अपनी टीम में बरकरार रखा था। लेकिन मौजूदा सीजन उनके लिए किसी बुरे सपने की तरह साबित हो रहा है। अब तक खेले गए चार मैचों में पूरन के बल्ले से मात्र 41 रन निकले हैं। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 10.25 का रहा है, जो उनके कद के खिलाड़ी के लिए बेहद शर्मनाक है। सबसे चिंताजनक बात उनका स्ट्राइक रेट है, जो गिरकर 85.41 पर पहुँच गया है। टी20 के ‘पावर हिटर’ माने जाने वाले पूरन का इस तरह संघर्ष करना लखनऊ के लिए टूर्नामेंट में आगे की राह कठिन बना रहा है।

फॉर्म से जूझते पूरन: क्या टीम से हो सकती है छुट्टी?

निकोलस पूरन की विफलता केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है। इस पूरे साल उनका बल्ला खामोश रहा है। 2026 में अब तक खेली गई 11 टी20 पारियों में उन्होंने महज 13.90 की औसत से 153 रन बनाए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पूरन ने टी20 लीग्स पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। लेकिन उनकी मौजूदा बल्लेबाजी तकनीक को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपनी लय पूरी तरह खो चुके हैं। यदि अगले एक-दो मैचों में उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो टीम मैनेजमेंट उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर करने का कड़ा फैसला ले सकता है।

गुजरात टाइटंस के सामने 165 रनों की चुनौती

मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 164 रन ही बना सकी। टॉप ऑर्डर और मध्यक्रम की विफलता के बीच एडन मार्करम ने टीम की लाज बचाई। मार्करम ने मात्र 21 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 30 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसके दम पर लखनऊ एक लड़ने लायक स्कोर तक पहुँच पाया। लखनऊ के अन्य बल्लेबाज पिच पर टिकने के लिए संघर्ष करते नजर आए, जिससे गुजरात के गेंदबाजों को मैच पर पकड़ बनाने का मौका मिल गया।

लखनऊ के लिए खतरे की घंटी: अब जीत के लिए चाहिए चमत्कार

165 रनों का लक्ष्य टी20 क्रिकेट और इकाना की पिच को देखते हुए बहुत बड़ा नहीं माना जा सकता। गुजरात टाइटंस के पास शुभमन गिल जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज हैं, जो इस लक्ष्य को आसानी से हासिल करने की क्षमता रखते हैं। लखनऊ के लिए अब सबसे बड़ी टेंशन यह है कि उनका सबसे महंगा खिलाड़ी न केवल रन बनाने में विफल हो रहा है, बल्कि महत्वपूर्ण मैचों में विकेट भी गंवा रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या लखनऊ के गेंदबाज इस छोटे लक्ष्य का बचाव कर पाते हैं या फिर पूरन की विफलता टीम की हार का मुख्य कारण बनती है।

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