New Year 2026: उत्तर प्रदेश में नए साल 2026 की शुरुआत धार्मिक उत्साह और आस्था के साथ हुई। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों—अयोध्या का भव्य राम मंदिर, वाराणसी का काशी विश्वनाथ और मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मभूमि—में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने साल के पहले दिन भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लेने को शुभ माना और लंबी कतारों में खड़े होकर अपने इष्टदेव की झलक पाने का इंतजार किया।
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अयोध्या में रामलला के दर्शन

नए साल के पहले दिन अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी। देर रात से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और सुबह तक लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भक्तों का उत्साह इतना था कि वे घंटों इंतजार के बाद भी थके नहीं और रामलला की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे। मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्त नाचते-गाते नजर आए। उनका मानना है कि नए साल की शुरुआत रामलला के दर्शन से करने पर जीवन धन्य हो जाता है और कार्यों में सफलता मिलती है।
प्रशासन की सतर्कता
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया और भीड़ को एक जगह इकट्ठा होने से रोका गया ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि युवाओं का रुझान सनातन धर्म और आस्था की ओर लगातार बढ़ रहा है।
काशी विश्वनाथ में भक्तों का उत्साह

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी नए साल के पहले दिन भक्तों का उत्साह देखने लायक था। भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान शिव के दर्शन किए। भक्तों ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि नए साल की शुरुआत भगवान विश्वनाथ के दर्शन से करेंगे और इससे वे बेहद खुश हैं। मंदिर परिसर में भक्तों का जोश और श्रद्धा साफ झलक रही थी।
मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भीड़

मथुरा के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात से ही भक्त मंदिर पहुंचने लगे और सुबह तक लंबी कतारें लग गईं। घंटों इंतजार के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। वहीं मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि 5 जनवरी तक मंदिर आने से बचें ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।










