Nepal Flood: नेपाल में तबाही के बीच भारत का बड़ा राहत अभियान, जानिए अब तक क्या-क्या पहुंचाया

नेपाल में भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड से हालात बिगड़ने के बीच भारत ने राहत अभियान तेज कर दिया है। खाने-पीने की सामग्री, दवाइयों और जरूरी सामान के साथ DNA जांच विशेषज्ञ, बचाव उपकरण और मॉड्यूलर स्टील ब्रिज का सामान भी भेजा गया है। आखिर अब तक नेपाल पहुंची भारतीय मदद कितनी बड़ी है, जानिए पूरी जानकारी।

नेपाल में तबाही के बीच भारत का बड़ा राहत अभियान

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 30, 2026

Nepal Flood: नेपाल में भारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद कई इलाकों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दलों को पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत ने नेपाल के लिए अपने राहत अभियान को और तेज कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना की चौथी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हुई है। भारतीय वायुसेना का C-130 विमान राहत सामग्री और जरूरी तकनीकी संसाधनों के साथ नेपाल पहुंच रहा है।

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सर्च-रेस्क्यू के लिए भेजी गई तकनीकी टीम

इस विशेष विमान में राहत सामग्री के साथ सर्च और रेस्क्यू अभियान में मदद करने वाली टनल टेक्निकल टीम भी भेजी गई है। टीम के साथ बचाव कार्य के लिए जरूरी उपकरण भी नेपाल पहुंचाए जा रहे हैं। बाढ़ और मलबे से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को तलाशने और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने में इन विशेषज्ञों की भूमिका अहम हो सकती है। भारत की ओर से तकनीकी विशेषज्ञता और उपकरण उपलब्ध कराने का मकसद नेपाल के राहत अभियान को तेजी देना है।

DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे

नेपाल में बाढ़ के बाद लापता लोगों की पहचान और संभावित शवों की पहचान एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और जरूरी फोरेंसिक उपकरण भी भेजे हैं। इसके अलावा राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। ये सामान प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने में उपयोगी होंगे।

संपर्क बहाल करने के लिए मॉड्यूलर स्टील ब्रिज

बाढ़ से नेपाल की परिवहन व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें और पुल टूटने के कारण अलग-अलग क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित हुआ है। इस समस्या को दूर करने के लिए भारत ने मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़ा सामान भी भेजा है। विदेश मंत्री के अनुसार, 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए जरूरी सामग्री लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही सात और बेली ब्रिज तैयार करने के लिए आवश्यक सामान भी भेजा जाएगा। पुलों के निर्माण और स्थापना में सहायता के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी।

68.5 टन राहत सामग्री अब तक पहुंची

भारत की ओर से अब तक नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसमें दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां और राहत-बचाव अभियानों से जुड़ा तकनीकी सामान शामिल है। भारतीय वायुसेना पहले भी कई उड़ानों के जरिए नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचा चुकी है।

मुश्किल हालात में जारी रहेगी भारत की मदद

नेपाल में बाढ़ और अचानक आई बाढ़ की घटनाओं ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में बुनियादी संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से राहत कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे हालात में भारत सिर्फ खाद्य और जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञ, फोरेंसिक टीम, बचाव उपकरण और पुल निर्माण की सामग्री भी उपलब्ध करा रहा है। भारत ने संकेत दिया है कि नेपाल के राहत और बचाव अभियान में उसकी सहायता आगे भी जारी रहेगी। भारतीय वायुसेना और अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर इस राहत अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

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