Chitrakoot Flood: चित्रकूट में 90 साल की सबसे भयावह बाढ़? मंदाकिनी के उफान से मचा हाहाकार

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। रामघाट समेत कई इलाके जलमग्न हैं और संपर्क मार्गों पर भी संकट बढ़ा है। प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमें तैनात की हैं। सवाल है कि आखिर मंदाकिनी का जलस्तर कितना बढ़ा और क्या इस बार पुराना रिकॉर्ड टूट गया?

चित्रकूट में 90 साल की सबसे भयावह बाढ़?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 30, 2026

Chitrakoot Flood: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान पर आने के बाद बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट समेत नदी किनारे बसे कई इलाकों में पानी घुस गया है। मंदिरों, आश्रमों, मठों, दुकानों और होटलों तक बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 90 वर्षों में मंदाकिनी नदी में इतनी भयावह बाढ़ पहले देखने को नहीं मिली। बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोगों के घरों में पानी घुस गया है और कई परिवार अपने घरों में ही फंसे हुए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित लोगों तक भोजन और पानी पहुंचाने में जुटी हैं।

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DM ने लोगों से संयम बरतने की अपील की

चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोगों से घबराने के बजाय धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका का रैन बसेरा, जो यूपी टूरिज्म चौराहे के पास स्थित है, वहां जरूरतमंद लोगों के लिए रात में ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। DM के मुताबिक, NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक खाना और पानी पहुंचाया जा रहा है। साथ ही प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की परेशानी होने पर कंट्रोल रूम से संपर्क करने को कहा है।

मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड का हिस्सा बहा

बाढ़ की तेज धार ने चित्रकूट के महत्वपूर्ण मंदाकिनी पुल की एप्रोच रोड को भी नुकसान पहुंचाया है। एप्रोच रोड का एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इससे झांसी-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ है। बाढ़ के दौरान मंदाकिनी नदी का पानी पुल के ऊपर से भी बहता दिखाई दिया था। पुल और संपर्क मार्ग को हुए नुकसान के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

कई गांव और प्रमुख इलाके पानी में घिरे

चित्रकूट जिले के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कटरा गदूर गांव में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है, जबकि तरौवां का बड़ा हिस्सा भी जलमग्न हो गया है।

रामघाट इलाके में नदी का पानी बढ़ने से पुल और आसपास की दुकानें तथा होटल भी पानी की चपेट में आ गए हैं। जानकीकुंड थाना क्षेत्र के कई प्रमुख आश्रमों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। इनमें पंजाबी भगवान आश्रम, आरोग्यधाम, सद्गुरु सेवा संघ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य आश्रम समेत कई स्थान शामिल हैं।

SDRF ने करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला

बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। SDRF की टीमें रात के समय भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रही हैं। अब तक करीब 200 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू अभियान में बच्चों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। SDRF के जवान प्रभावित परिवारों को खाने के पैकेट भी उपलब्ध करा रहे हैं।

जलस्तर घटने से मिली थोड़ी राहत

प्रशासन के अनुसार, मंदाकिनी नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। हालांकि कई इलाकों में पानी अभी भी मौजूद है और संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है। राहत और बचाव टीमें स्थिति सामान्य होने तक अभियान जारी रखेंगी।

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