Landslide in China: चीन के शिजांग क्षेत्र में सीमा के नजदीक स्थित एक बंदरगाह पर शनिवार शाम अचानक हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 546 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। बचाव दल लगातार मलबे और प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं।
शिजांग में भूस्खलन के बाद बचाव अभियान तेज
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6 बजे शिजांग के पास स्थित बंदरगाह क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा आसपास के इलाके में फैल गया। हादसे में कई लोग इसकी चपेट में आ गए। अधिकारियों के अनुसार, लापता 546 लोगों में 49 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। राहत एवं बचाव टीमें लगातार अभियान चलाकर लापता लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
चीन भूस्खलन हादसे में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों से संपर्क टूटा
भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों से संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, कुल 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें सबसे ज्यादा नेपाल के 104 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी गई है।
शिजांग हादसे में कई देशों के नागरिक लापता
लापता विदेशी नागरिकों की सूची में कई अन्य देशों के लोग भी शामिल हैं। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के 6-6 नागरिकों का अभी तक पता नहीं चल सका है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के 4 और मलेशिया, जर्मनी तथा रूस के 3-3 नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। आयरलैंड और एस्टोनिया के 2-2 नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। फ्रांस, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड समेत अन्य देशों के नागरिकों की भी तलाश जारी है।
नेपाल में भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ा
चीन में हुए भूस्खलन के बीच नेपाल में भी हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, रसुवा जिला प्रशासन को भोटे कोशी नदी में बाढ़ के तेज बहाव जैसी आवाज सुनाई देने की जानकारी मिली है। इसके बाद रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
नेपाल बाढ़ ने मचाई तबाही
नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भी बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 तक पहुंच गई है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच जारी है। लगातार बढ़ती मौतों और लापता लोगों की संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
नेपाल बाढ़ के बाद मुर्दाघरों में शव रखने की जगह तक कम पड़ी
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल के कई इलाकों में मुर्दाघरों में शव रखने के लिए सुरक्षित जगह की कमी होने लगी है। बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के सामने उन्हें सुरक्षित रखने और पहचान की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, लापता लोगों के परिजन अब भी अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
चीन भूस्खलन और नेपाल बाढ़ से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता
चीन के शिजांग में हुए भूस्खलन और नेपाल में जारी बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक तरफ शिजांग में बचाव दल सैकड़ों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं, तो दूसरी ओर नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है। दोनों देशों में प्रशासन की प्राथमिकता अब लोगों की जान बचाने और लापता नागरिकों का पता लगाने की है।










