PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शनिवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच गए। एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री मोदी की यह उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है। यह दौरा भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एयरपोर्ट पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव की मुलाकात
ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए मौजूद रहे। दोनों नेताओं के बीच आत्मीय मुलाकात देखने को मिली। स्वागत के बाद प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति देना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देना है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक बातचीत करेंगे। बैठक में दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे वार्ता के प्रमुख केंद्र में रहेंगे। बातचीत के दौरान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने पर रहेगा जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान रवाना होने से पहले कहा था कि वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने को लेकर उत्सुक हैं। दोनों देश आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए संभावित अवसरों पर चर्चा कर सकते हैं। डिजिटल तकनीक और कनेक्टिविटी के बढ़ते महत्व को देखते हुए इस क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की तैयारी
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग भी द्विपक्षीय संबंधों का अहम हिस्सा है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव रक्षा क्षेत्र में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य की संभावनाओं पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के रास्ते तलाशे जाएंगे। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच मध्य एशिया के साथ भारत के ऊर्जा और रणनीतिक संबंधों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘विकसित भारत’ और ‘नए उज्बेकिस्तान’ का साझा विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ यानी ‘नए उज्बेकिस्तान’ के साझा विजन को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा करेंगे। दोनों देशों की विकास प्राथमिकताओं के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान किए जाने की संभावना है। शिक्षा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करना भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र जाएंगे पीएम मोदी
ताशकंद यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थित शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा भी करेंगे। प्रधानमंत्री ने इन स्थानों को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क संबंधों का प्रतीक बताया है। इन स्थलों की यात्रा के जरिए दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों और साझा विरासत को सम्मान देने का संदेश भी जाएगा।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi reaches Tashkent, Uzbekistan.
During the visit, the Prime Minister will hold delegation-level talks with President Mirziyoyev to further strengthen the strategic partnership between the two countries. The two leaders will review… pic.twitter.com/7itczpdbn6
— ANI (@ANI) August 29, 2026
ताशकंद के बाद बिश्केक जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक के लिए रवाना होंगे। वहां वह राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा मध्य एशिया के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक मौजूदगी होगी मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी का उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत मध्य एशिया के देशों के साथ अपने संबंधों को और व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है। ताशकंद में होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत से द्विपक्षीय सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। वहीं बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका सामने आएगी। कुल मिलाकर पीएम मोदी की यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
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