Nepal Flash Flood: 63 भारतीय सुरक्षित रेस्क्यू, 290 से संपर्क नहीं, भारत ने भेजी राहत

नेपाल में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 63 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन 290 भारतीयों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए नेपाल के लिए 37.5 टन मानवीय सहायता भेजी है, मगर सबसे बड़ा सवाल है कि बाकी भारतीय कब सुरक्षित मिलेंगे?

Nepal Flash Flood

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 28, 2026

Nepal Flash Flood : नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने त्रिशूली-I परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू की पुष्टि की है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची भी साझा की है। अचानक आई इस बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है।

ग्लेशियर टूटने और मूसलाधार बारिश से मची तबाही

नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में पानी का बहाव बढ़ने से कई इलाकों में घर, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया

विदेश मंत्रालय की रात 8 बजे जारी जानकारी के मुताबिक त्रिशूली-I परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा तमिलनाडु से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 श्रद्धालुओं का भी सफल रेस्क्यू किया गया है। इस तरह नेपाल में अब तक कुल 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है

290 भारतीयों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश जारी

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में करीब 290 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय इन नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भारतीय अधिकारियों की ओर से नेपाली प्रशासन के साथ समन्वय कर लापता लोगों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

नेपाल ने विदेशी नागरिकों के लिए बनाया इमरजेंसी कंट्रोल रूम

नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए एक विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इस केंद्र के माध्यम से विदेशी नागरिकों की तलाश, प्राप्त सूचनाओं के सत्यापन और जरूरत पड़ने पर कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। इससे प्रभावित विदेशी नागरिकों और उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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नेपाल में 359 शव बरामद, 910 लोग अभी भी लापता

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में चितवन, नवलपरासी पूर्व, गोरखा, धादिंग और नुवाकोट शामिल हैं। अब तक 359 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि 910 लोग लापता हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस, सेना, सशस्त्र पुलिस बल और सीमा शुल्क एवं आव्रजन कार्यालय के कर्मचारी भी शामिल हैं।

लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल

लापता लोगों की सूची में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार करीब 517 विदेशी नागरिक और विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी लापता बताए गए हैं। ऐसे में बचाव एजेंसियों के सामने चुनौती केवल स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने की नहीं, बल्कि विदेशी नागरिकों की पहचान और उनकी स्थिति का पता लगाने की भी है।

सेना और पुलिस के हजारों जवान राहत अभियान में जुटे

आपदा प्रभावित नुवाकोट का दौरा करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि देश की पूरी राज्य मशीनरी पूरी क्षमता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है। खोज एवं बचाव अभियान के लिए सेना और पुलिस समेत 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 573 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

भारत ने नेपाल के लिए भेजी 47.5 टन राहत सामग्री

नेपाल में जारी मानवीय संकट के बीच भारत ने भी सहायता अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री की दूसरी खेप नेपाल भेजी है। भारतीय वायुसेना के दो विमानों के माध्यम से अब तक कुल 47.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है।

दवाओं और खाद्य सामग्री से नेपाल को मिली मदद

भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में आपातकालीन दवाएं, खाद्य पैकेट और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए इन सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत ने संकट की इस घड़ी में पड़ोसी देश नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

राहत और बचाव अभियान के बीच बढ़ी चुनौतियां

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद सेना, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियां हेलीकॉप्टर और जमीनी टीमों की मदद से लगातार अभियान चला रही हैं। वहीं, भारत भी लापता नागरिकों की जानकारी जुटाने और नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली प्रशासन के साथ समन्वय बनाए हुए है।

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