NEET Paper Leak : NEET UG 2027 CBT मोड में होगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में NTA का बड़ा खुलासा

NEET UG 2027 को लेकर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार की ओर से सबसे बड़ी खबर आ रही है। पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवादों के बाद, शिक्षा मंत्रालय और एनटीए ने कोर्ट में हलफनामा देकर साफ कर दिया है कि 2027 से नीट की परीक्षा पूरी तरह डिजिटल यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 29, 2026

NEET Paper Leak : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पेपर लीक का विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. इस दौरान पूरे देश की नजरें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार के रुख पर टिकी थीं, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों के भविष्य और देश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है.

NTA ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

अदालत की कार्रवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक विस्तृत हलफनामा (Affidavit) पेश किया. इस हलफनामे में NTA ने परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक को रोकने के उपायों के साथ-साथ नीट री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) को लेकर अपनी स्थिति साफ की. सबसे बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि नीट यूजी 2027 का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में किया जाना है या नहीं, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. NTA ने स्पष्ट किया कि आगामी नीट री-एग्जाम के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

सरकार और NTA का पुराना स्टैंड

गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 मई को ट्रेडिशनल पेन और पेपर (PPT) मोड में ही आयोजित की गई थी. लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद देश के कई हिस्सों से पेपर लीक और अनियमितताओं की खबरें सामने आईं, जिसके बाद सरकार को इस परीक्षा को रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा. इस झटके के बाद जब नीट री-एग्जाम की तारीखों का ऐलान हुआ, तब सरकार और NTA ने संकेत दिए थे कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों से बचने के लिए नीट यूजी 2027 से परीक्षा को पूरी तरह से ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में शिफ्ट कर दिया जाएगा. हालांकि, अब इस स्टैंड में थोड़ा बदलाव नजर आ रहा है.

CBT मोड बनाम पेन-एंड-पेपर टेस्ट

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल ताजा हलफनामे के अनुसार, NTA ने कोर्ट को बताया है कि नीट री-एग्जाम के आयोजन के बाद ‘हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी’ (HPSC) एक बार फिर से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के अधिकारियों से गहन सलाह-मशविरा किया जाएगा. इस मंथन के बाद ही यह तय होगा कि क्या भविष्य की सभी NEET परीक्षाएं डिजिटल सुरक्षा के साथ कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएं, या फिर मौजूदा पेन-एंड-पेपर टेस्ट (PPT) व्यवस्था को ही और अधिक सख्त सुरक्षा घेरे के साथ जारी रखा जाए.

CCTV की अनिवार्य जांच और फॉरेंसिक ऑडिट

NTA के इस हलफनामे में परीक्षा से पहले की तैयारियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी ब्यौरा दिया गया है. एजेंसी ने बताया कि 3 मई को हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा से पहले, 17 अप्रैल 2026 को ही हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) की एक बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए थे.

कमेटी ने सिफारिश की थी कि देश के सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के सिस्टम की अनिवार्य रूप से बारीकी से जांच की जाए. इसके साथ ही, परीक्षा निष्पक्ष हुई है यह सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया था. NTA ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि कमेटी ने परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ने के लिए सभी सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण (Forensic Analysis) कराने की भी मजबूत सिफारिश की है, ताकि भविष्य में परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता न हो सके.

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