NEET Paper Leak: केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और गड़बड़ी-मुक्त बनाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब भारतीय वायुसेना (IAF) की सहायता लेने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था कि प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए वायुसेना के विमानों का उपयोग किया जा सकता है।
नीट पेपर लीक से सुरक्षा
नीट परीक्षा की तैयारियों की स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। गुरुवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में परीक्षा के हर चरण—प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई, सुरक्षित परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक वितरण तक—पर विस्तृत चर्चा की गई। हालांकि, वायुसेना की मदद लेने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस विकल्प को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जाएगा ताकि अंतिम फैसला लिया जा सके।
विपक्ष का तीखा हमला
केंद्र सरकार की इस संभावित योजना को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर चुटकी लेते हुए कहा कि अब आंसर शीट को परीक्षा केंद्रों से उठाने और उसे सर्वर पर अपलोड करने के लिए नौसेना की पनडुब्बियों (Navy Submarine) का उपयोग भी किया जाना चाहिए।
प्रक्रिया पर तंज
प्रियंका चतुर्वेदी ने एक के बाद एक कई पोस्ट लिखकर सरकार की योजना का उपहास उड़ाया। उन्होंने ‘क्रोनोलॉजी’ समझाते हुए लिखा कि सेना अब नीट परीक्षा के पेपर्स को प्रिंटिंग सेंटर से उठाएगी और बुलेट प्रूफ गाड़ियों से उन्हें नजदीकी एयरबेस तक पहुँचाएगी, जिसके बाद भारतीय वायुसेना उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने का कार्य करेगी। विपक्षी नेताओं का मानना है कि परीक्षा सुधार के बजाय सरकार का ध्यान दिखावे की व्यवस्थाओं पर अधिक केंद्रित है।
पारदर्शी परीक्षा का संकल्प
सरकार के लिए 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG परीक्षा एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी है। देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। चाहे वायुसेना की मदद लेने का विकल्प हो या सुरक्षा के अन्य कड़े इंतजाम, सरकार का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाना है। आने वाले कुछ दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए किस सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है।










