NEET-UG Re-exam: नीट परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: री-एग्जाम के लिए नहीं देनी होगी कोई फीस, शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान

नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने 21 जून को री-एग्जाम कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि परीक्षा माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। साथ ही, अगले साल से यह परीक्षा ओएमआर के बजाय कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में होगी।

NEET-UG Re-exam

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 15, 2026

NEET-UG Re-exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026 को लेकर चल रहे विवादों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से घोषणा की है कि अब 22 लाख परीक्षार्थियों को फिर से परीक्षा देनी होगी। सिस्टम की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सीबीआई (CBI) को सौंप दी है।

NEET-UG री-एग्जाम शेड्यूल

बताते चले कि, शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET Re-test Dates) अब 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 14 जून तक सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड (Hall Tickets) आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी राहत दी है कि इस पुन: परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और उन्हें एक सप्ताह पहले अपना मनपसंद परीक्षा केंद्र चुनने की आजादी दी जाएगी।

परीक्षा अवधि में विस्तार

शिक्षा मंत्री ने परीक्षा प्रक्रिया के दौरान समय प्रबंधन को लेकर छात्रों की चिंताओं को दूर किया है। एनटीए की नई समय नीति (Extended Examination Duration) के तहत, अब छात्रों को ओएमआर शीट से जुड़ी औपचारिकताओं और हस्ताक्षरों में लगने वाले समय की भरपाई के लिए 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम दिया जाएगा। दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलने वाली इस परीक्षा में अब छात्रों को कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने उत्तर लिख सकें।

पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रश्नपत्र लीक मामले (Paper Leak Investigation) पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI Case Handover) को सौंप दी है। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि 21 जून की परीक्षा से पहले ‘पेपर लीक माफिया’ के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे शिक्षा प्रणाली को स्वच्छ करने की एक लंबी लड़ाई बताया और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों से बचने की सलाह दी।

भविष्य की रणनीति

नीट परीक्षा के इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल से ओएमआर शीट का उपयोग बंद कर दिया जाएगा। NEET-UG 2027 का नया प्रारूप (Computer Based Test Transition) पूरी तरह से डिजिटल होगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा गड़बड़ियों की मुख्य जड़ ओएमआर आधारित मूल्यांकन प्रणाली रही है, इसलिए भविष्य में इस परीक्षा को अधिक सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT Mode) को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

छात्रों के हित में निर्णय

शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला काफी कठिन था, लेकिन देश के मेधावी छात्रों के भविष्य और राष्ट्रहित में यह अनिवार्य था। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA Official Guidelines) ने छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। सरकार का लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली विकसित करना है जहां किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और योग्यता के आधार पर ही चयन सुनिश्चित किया जा सके।