NEET UG Paper Leak: छात्रों को रटवाए गए थे सवाल, CBI के हत्थे चढ़ा ‘केमिस्ट्री’ वाला मास्टरमा

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। आरोपी केमिस्ट्री लेक्चरर है और उसने पुणे में छात्रों को सीक्रेट क्लास देकर पेपर रटवाया था। जांच में सामने आया कि छात्रों की नोटबुक और असली पेपर हूबहू मेल खा रहे थे। अब तक इस केस में 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

NEET UG Paper Leak

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 15, 2026

NEET UG Paper Leak: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 की शुचिता पर लगे दाग को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक चौंकाने वाली सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने इस पूरे प्रश्नपत्र लीक मामले के मुख्य सूत्रधार पी.वी. कुलकर्णी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। कुलकर्णी, जो पेशे से एक केमिस्ट्री लेक्चरर है, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की गोपनीय परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा रह चुका था। इसी आधिकारिक पहुंच का दुरुपयोग करते हुए उसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक की साजिश रची। सीबीआई की इस कार्रवाई ने उन लाखों परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है, जो परीक्षा में पारदर्शिता की उम्मीद लगाए बैठे थे।

केमिस्ट्री लेक्चरर ने ऐसे रचा पेपर चोरी

CBI की सघन पूछताछ और जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में ही अपने आपराधिक नेटवर्क को सक्रिय कर दिया था। इस प्रश्नपत्र चोरी की साजिश को अंजाम देने के लिए उसने मनीषा वाघमारे नाम की एक महिला का सहारा लिया, जिसे पहले ही 14 मई को हिरासत में लिया जा चुका है। कुलकर्णी ने पुणे स्थित अपने आवास पर एक गुप्त कोचिंग सेंटर चलाया, जहां वह चुनिंदा छात्रों को इकट्ठा करता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह छात्रों को सवाल और उनके सटीक विकल्प बोल-बोलकर लिखवाता था ताकि वे परीक्षा हॉल में जाने से पहले सब कुछ कंठस्थ कर लें।

असली नीट परीक्षा के सवालों में दिखा हैरान करने वाला मेल

इस पूरे घोटाले का सबसे भयावह पहलू तब सामने आया जब जांच अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान छात्रों की नोटबुक बरामद की। इन नोटबुक में दर्ज प्रश्न और उत्तर, 3 मई 2026 को आयोजित हुई वास्तविक NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे। सीबीआई के अनुसार, इस रैकेट में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि कई पेशेवर बिचौलिए भी सक्रिय थे। ये दलाल आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के छात्रों की पहचान करते थे और पेपर रटवाने वाली इन स्पेशल कोचिंग क्लास में प्रवेश दिलाने के बदले में प्रति छात्र लाखों रुपये की मोटी रकम वसूलते थे।

देशभर में ताबड़तोड़ छापेमारी

पेपर लीक की गहराई को भांपते हुए CBI ने पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक स्तर पर रेड की है। इस दौरान जांच टीम ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच एजेंसी की छापेमारी और तकनीकी विश्लेषण अब इस बात पर केंद्रित है कि लीक किए गए सवालों का प्रसार सोशल मीडिया या डिजिटल माध्यमों से कितने बड़े समूह तक हुआ। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन गैजेट्स से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों के चेहरे बेनकाब किए जा सकें।

जयपुर से पुणे तक सात आरोपी गिरफ्तार

CBI ने अब तक इस NEET-UG पेपर लीक घोटाले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। गिरफ्तारियों का यह सिलसिला जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर तक फैला हुआ है। इनमें से 5 प्रमुख आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। वहीं, पुणे से पकड़े गए दो अन्य अभियुक्तों को ट्रांजिट रिमांड के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है। जांच का अगला चरण अब यह पता लगाना है कि पी.वी. कुलकर्णी जैसे अकादमिक अपराधी के तार विभाग के और किन उच्च अधिकारियों से जुड़े हुए थे।