NEET Re Test: 21 जून को होने वाले NEET री-टेस्ट से पहले केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक कई स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है। पेपरों को भारतीय वायुसेना के माध्यम से विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, जबकि CRPF और CISF के जवान स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा संभालेंगे।
इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच और AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। पूरे सिस्टम की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय की भी भूमिका बताई जा रही है।
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अन्नामलाई ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इन सख्त इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई यह “मिलिट्री-ग्रेड” सुरक्षा व्यवस्था छात्रों के लिए तनाव बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। उनका कहना है कि परीक्षा को सरल बनाने की बजाय इसे अत्यधिक जटिल और दबावपूर्ण बना दिया गया है।
उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यह किसी रक्षा खरीद प्रक्रिया जैसा लग रहा है, जबकि मामला केवल एक परीक्षा से जुड़ा है। उनके अनुसार, इस तरह की व्यवस्था छात्रों के मानसिक दबाव को बढ़ा सकती है।
परीक्षा प्रक्रिया को लेकर तनाव और चिंता
अन्नामलाई ने यह भी कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए सुरक्षा जरूरी है, लेकिन प्रवेश से पहले लंबी जांच, सख्त तलाशी और अतिरिक्त प्रक्रियाएं छात्रों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं। उन्होंने परीक्षा की अवधि बढ़ाकर 195 मिनट किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। उनका तर्क है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का उद्देश्य परीक्षा तनाव को कम करना था, जबकि मौजूदा कदम इसके विपरीत असर डाल सकते हैं।
बीजेपी का जवाब और सुरक्षा का बचाव
बीजेपी नेता विनोद सेल्वम ने अन्नामलाई की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CCTV निगरानी और सख्त सुरक्षा जांच किसी भी बड़ी परीक्षा के लिए सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य केवल नकल और पेपर लीक को रोकना है। उन्होंने चीन की गाओकाओ परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया भर में कठिन परीक्षाओं में कड़े सुरक्षा नियम अपनाए जाते हैं, ताकि योग्यता के आधार पर निष्पक्ष चयन हो सके।
तकनीकी दिक्कतें और प्रशासन की सफाई
इसी बीच, कई छात्रों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कतों की शिकायत की है। इस पर NTA ने तकनीकी समस्या और सर्वर ओवरलोड को कारण बताते हुए कहा कि उनकी टीम समस्या के समाधान में लगी हुई है और जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।
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टेलीग्राम पर अस्थायी रोक से विवाद
सरकार ने परीक्षा से पहले नकल और पेपर लीक रोकने के लिए टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया है। NTA के अनुसार यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।










