NEET Paper Leak: ’22 लाख छात्रों के भविष्य से हुआ खिलवाड़’, राहुल गांधी ने की शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूछा कि देश में बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया। राहुल ने सरकार पर 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।

NEET Paper Leak

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 17, 2026

NEET Paper Leak: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने तीखे सवाल पूछते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि देश में बार-बार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, छात्रों का भविष्य अधर में है, लेकिन इसके बावजूद देश के शिक्षा मंत्री को अब तक उनके पद से बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है? राहुल गांधी इस गंभीर मुद्दे को सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लगातार उठा रहे हैं।

राहुल गांधी ने 2024 और 2026 की धांधली का किया जिक्र

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैए पर निशाना साधा। उन्होंने साल 2024 और वर्तमान 2026 में हुए NEET पेपर लीक की समानताओं को उजागर किया। राहुल ने लिखा कि 2024 में जब पेपर लीक हुआ, तब न तो परीक्षा रद्द की गई और न ही किसी ने जिम्मेदारी ली; बस मामले को दबाने के लिए सीबीआई जांच सौंपकर एक कमेटी बना दी गई। अब साल 2026 में एक बार फिर वही इतिहास दोहराया गया है। इस बार परीक्षा भले ही रद्द कर दी गई हो, लेकिन शिक्षा मंत्री ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है। सरकार का रवैया वही पुराना है—फिर से सीबीआई जांच और फिर से एक नई कमेटी का गठन।

प्रधानमंत्री मोदी से पूछे सीधे तीन सवाल

बताते चले कि, इस राष्ट्रीय मुद्दे पर विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे तीन चुभते हुए सवाल किए हैं और कहा कि पूरा देश आज सरकार से जवाब मांग रहा है। राहुल गांधी ने पूछा कि देश के करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ये पेपर लीक आखिर बार-बार क्यों हो रहे हैं? उन्होंने पीएम मोदी के प्रसिद्ध कार्यक्रम पर तंज कसते हुए पूछा कि आज इस महा-संकट के समय ‘परीक्षा पे चर्चा’ करने वाली सरकार पूरी तरह चुप क्यों है? इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि लगातार असफल साबित हो रहे शिक्षा मंत्री को पद से हटाने में सरकार को क्या संकोच है?

‘जवाबदेही से भाग रही मोदी सरकार’

वहीं, एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार अपनी गलतियों और जिम्मेदारियों को स्वीकार करने के बजाय पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में जुटी है। राहुल गांधी के अनुसार, जब भी ऐसा कोई घोटाला सामने आता है, सरकार पहले लंबे समय तक मौन साध लेती है, फिर पर्दे के पीछे से दोषियों को संरक्षण दिया जाता है। हद तो तब हो जाती है जब छात्रों के हक में सवाल उठाने वालों पर ही उल्टा हमला किया जाता है। उन्होंने तंज कसा कि 2024 में धांधली के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) को हटाने का नाटक किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एक राज्य के मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाकर पुरस्कृत कर दिया गया।

’22 लाख छात्रों के साथ हुआ धोखा, शिक्षा मंत्री को तुरंत हटाएं’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने देश के 22 लाख NEET अभ्यर्थियों के भरोसे का कत्ल किया है और साथ ही भारतीय संसद की गरिमा का भी अपमान किया है। विपक्ष का आरोप है कि इस मामले पर तैयार की गई संसदीय समिति की महत्वपूर्ण रिपोर्ट को सिर्फ इसलिए ठंडे बस्ते में डाल दिया गया क्योंकि उसमें विपक्षी दलों के सांसद शामिल थे। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि जो सरकार देश की संसद पर विश्वास नहीं करती, वह NEET परीक्षाओं में सुधार क्या खाक करेगी? उन्होंने मांग की कि इस नाकामी के लिए शिक्षा मंत्री को एक मिनट भी पद पर रहने का हक नहीं है, उन्हें तुरंत हटाया जाए।

NTA दफ्तर के बाहर छात्रों का फूटा गुस्सा

दूसरी तरफ, इस महाघोटाले को लेकर देश के छात्र संगठन और आम अभ्यर्थी भी सड़कों पर उतर आए हैं। शनिवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने दिल्ली स्थित NTA दफ्तर का घेराव किया और उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि भ्रष्ट एनटीए और केंद्र सरकार की मिलीभगत ने लाखों युवाओं का करियर बर्बाद कर दिया है। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी दो प्रमुख मांगें रखी हैं: पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त किया जाए और दूसरी, धांधली की जननी बन चुकी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।