UG Paper Leak 2026: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, NTA में 4 उच्च अधिकारियों की हुई नियुक्ति

देशभर में जारी नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की तैनाती को मंजूरी दी है। वहीं दूसरी ओर, सीबीआई ने पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड पी वी कुलकर्णी को 10 दिन की रिमांड पर लिया है।

UG Paper Leak 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 16, 2026

UG Paper Leak 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक विवाद और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ढांचे में बड़ा फेरबदल किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने एजेंसी में प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दो संयुक्त सचिवों (Joint Secretaries) और दो संयुक्त निदेशकों (Joint Directors) की तत्काल नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अनुजा बापट और रुचिता विज बनी संयुक्त सचिव

बताते चले कि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) की 1998 बैच की वरिष्ठ अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को अगले पांच वर्षों के लिए एनटीए में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है। एजेंसी के शीर्ष प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पहले से खाली पड़े डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के पदों को अस्थाई रूप से अपग्रेड करके इन वरिष्ठ नौकरशाहों की जिम्मेदारी तय की गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान

आपको बता दे कि, एनटीए में शीर्ष स्तर पर अधिकारियों की तैनाती के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार (15 मई 2026) को सार्वजनिक रूप से माना कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने वाली इस एजेंसी में व्यापक सुधारों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए कई अहम सुझाव मिले हैं। शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि सुधार एक सतत प्रक्रिया है, और भविष्य में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक के बिल्कुल सटीक (Zero-Error) तरीके से परीक्षाओं का आयोजन करे, यह पूरी तरह से सरकार की जवाबदेही है।

मुख्य आरोपी कोर्ट से 10 दिन की रिमांड पर

एक तरफ जहां सरकार प्रशासनिक ढांचे को सुधारने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर घोटाले के कानूनी और आपराधिक पहलुओं की जांच भी तेज हो गई है। गौरतलब है कि इस साल 3 मई को देश भर के 22 लाख से अधिक छात्रों ने नीट-यूजी की परीक्षा दी थी, जिसे बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं के दावों के बाद इसी हफ्ते रद्द कर दिया गया था। इस मामले की कमान संभालते ही सीबीआई ने अपनी जांच टीमें गठित कर दी हैं। शनिवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने इस पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड पी वी कुलकर्णी और सह-आरोपी मनीषा वाघमारे को 10 दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है, ताकि घोटाले की तह तक पहुंचा जा सके।