NDA Govt 3 Years : केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए (NDA) सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 21 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक बेहद अहम और बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इस महाबैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कामकाज की गहन समीक्षा करना और देश के विकास को नई गति देने के लिए भविष्य का एक मजबूत रोडमैप तैयार करना है। वर्तमान समय में जारी पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आयोजित होने वाली इस बैठक को राजनीतिक गलियारों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रणनीतिक विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक इस उच्च स्तरीय बैठक को सरकार के कार्यकाल के ‘मिडटर्म रिव्यू’ (मध्यावधि समीक्षा) के तौर पर भी देख रहे हैं।
चार मुख्य बिंदुओं के आधार पर परखा जाएगा सभी विभागों का रिपोर्ट कार्ड
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों सहित मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। बैठक के दौरान सरकार के सभी विभागों के कामकाज और उनकी उपलब्धियों की कड़ाई से समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, यह समीक्षा मुख्य रूप से चार केंद्रीय बिंदुओं को आधार बनाकर की जाएगी। इन चार प्रमुख पैमानों में पहला है— लेजिस्लेटिव (विधायी) बदलाव, दूसरा— नियम और कानूनों की सरलता, तीसरा— नीतिगत सुधार, और चौथा— प्रशासनिक सुधार। इन्हीं चार महत्वपूर्ण स्तंभों के आधार पर सभी मंत्रालयों के प्रदर्शन को परखा जाएगा। इसके साथ ही, देश की जनता को बेहतर सुविधाएं देने और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए आगे की रणनीतिक रूपरेखा भी इसी बैठक में तय की जाएगी।
कृषि, पेट्रोलियम और कॉमर्स सहित एक दर्जन मंत्रालयों का होगा विशेष प्रेजेंटेशन
मंत्रिपरिषद की इस समीक्षा बैठक के दौरान प्रशासनिक स्तर पर कुछ चुनिंदा मंत्रालयों और महत्वपूर्ण विभागों द्वारा विस्तृत प्रेजेंटेशन (प्रस्तुतीकरण) भी दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, कृषि, पेट्रोलियम, वन एवं पर्यावरण, कॉमर्स (वाणिज्य), पावर (ऊर्जा) और एटोमिक एनर्जी (परमाणु ऊर्जा) समेत लगभग एक दर्जन से अधिक प्रमुख मंत्रालयों को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए चुना गया है। इन प्रेजेंटेशन्स के माध्यम से विभाग अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों, चल रहे प्रोजेक्ट्स की वर्तमान स्थिति और आने वाले समय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक कुशल बनाने के लिए किए जाने वाले आवश्यक सुधारों की पूरी रूपरेखा प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
सुशासन और जन-केंद्रित सुधारों को तेज करने पर रहेगा मोदी सरकार का विशेष ध्यान
उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस विशेष बैठक का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में लागू किए गए जन-केंद्रित सुधारों को रेखांकित करना और उन्हें धरातल पर प्रदर्शित करना है। सरकार का विशेष जोर ऐसे कल्याणकारी कदमों पर रहेगा, जो देश की शासन व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाने के साथ-साथ नियामकीय प्रक्रियाओं को आम नागरिकों के लिए सुलभ करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। इस पूरी कवायद का एक उद्देश्य यह भी है कि सभी मंत्रियों को पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में लागू किए गए व्यापक और दूरगामी सुधारों की गहरी समझ और सटीक जानकारी मिल सके। सरकार अपने आगामी महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए सुशासन के एजेंडे को और अधिक तेज करने की तैयारी में जुट गई है।
पीएमओ को सौंपी गई रिपोर्ट और कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच टिकी निगाहें
यह बात भी उल्लेखनीय है कि इस महाबैठक से कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सभी मंत्रालयों से उनके पिछले दो साल के कामकाज की विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी थी। पीएम के निर्देश के बाद सभी विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट तैयार करके प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को समय पर भेज दी थी, जिसका बारीकी से अध्ययन किया जा चुका है। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि आगामी कुछ दिनों में मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल हो सकता है। कैबिनेट विस्तार की बढ़ती हलचलों के बीच होने वाली इस मंत्रिपरिषद की बैठक पर देश के सभी राजनीतिक दलों, मीडिया और आम जनता की निगाहें टिकी हुई हैं।
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