National Anthem Row: अमित मालवीय को लीगल नोटिस, 48 घंटे में माफी का अल्टीमेटम; राष्ट्रगान पर सियासी घमासान

राष्ट्रगान विवाद को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की ओर से बीजेपी नेता अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कथित विवादित पोस्ट हटाने, बिना शर्त माफी और 48 घंटे में जवाब देने की मांग की गई है। मामला दिल्ली के एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान दोबारा बजने की तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ा है।

National Anthem Row

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 16, 2026

National Anthem Row:  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया है। इसके जवाब में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की ओर से बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस 15 अगस्त को अधिवक्ताओं अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडे के जरिए भेजा गया।

13 अगस्त के कार्यक्रम से जुड़ा है विवाद

कानूनी नोटिस में जिस घटना का उल्लेख किया गया है, वह 13 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित ‘रचनात्मक कांग्रेस’ के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुई थी। कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम में राष्ट्रगान को लेकर जो स्थिति बनी, वह किसी जानबूझकर की गई गलती का परिणाम नहीं थी। पार्टी के अनुसार, पूरा मामला ऑडियो सिस्टम में आई तकनीकी खराबी से जुड़ा था।

बीजेपी ने वीडियो शेयर कर लगाए आरोप

बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए राहुल गांधी पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया। बीजेपी की ओर से कहा गया कि राष्ट्रगान देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसका सम्मान करे। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के व्यवहार से एक बार फिर उनका कथित राष्ट्रविरोधी रवैया सामने आया है।

कांग्रेस ने बताया तकनीकी गड़बड़ी

संदीप दीक्षित की ओर से भेजे गए नोटिस में बीजेपी के आरोपों को गलत और भ्रामक बताया गया है। नोटिस के अनुसार, कार्यक्रम में राष्ट्रगान निर्धारित तरीके से बजाया गया था। मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित, राहुल गांधी और अन्य लोग राष्ट्रगान समाप्त होने के बाद लोगों से मिलने लगे थे। इसी दौरान ऑडियो सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण राष्ट्रगान दोबारा बज गया।

कुछ सेकंड बाद दोबारा बंद किया गया राष्ट्रगान

कांग्रेस के मुताबिक, ऑडियो ऑपरेटर को जैसे ही गलती का पता चला, उसने तुरंत राष्ट्रगान को बंद कर दिया। नोटिस में इस पूरी घटना की टाइमलाइन भी दी गई है। इसमें बताया गया है कि 59:55 मिनट पर संदीप दीक्षित लोगों से नारे नहीं लगाने की अपील करते हैं। इसके बाद 1:00:01 पर राष्ट्रगान शुरू होता है और 1:01:01 पर समाप्त हो जाता है।

वीडियो की टाइमलाइन में दी गई पूरी जानकारी

नोटिस के अनुसार, राष्ट्रगान खत्म होने के महज एक सेकंड बाद यानी 1:01:02 पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऑडियो दोबारा शुरू हो गया। हालांकि, इसे 1:01:08 पर तुरंत बंद कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि इन परिस्थितियों को नजरअंदाज करके पूरे घटनाक्रम को जानबूझकर राष्ट्रगान के अपमान के रूप में पेश किया गया।

बीजेपी पर भ्रामक पोस्ट का आरोप

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से घटना की गलत व्याख्या करते हुए पोस्ट साझा की गई। कांग्रेस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी पर राष्ट्रगान का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया गया, जबकि वास्तविक घटना एक तकनीकी त्रुटि थी। पार्टी ने इस पोस्ट को तथ्यहीन, भ्रामक और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।

बिना शर्त माफी की मांग

कांग्रेस नेता की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में बीजेपी से विवादित पोस्ट तत्काल हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही उसी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और पूरे मामले पर स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी करने को कहा गया है। नोटिस में भविष्य में राहुल गांधी पर इस तरह के आरोप लगाने से बचने की भी मांग की गई है।

48 घंटे में जवाब देने का निर्देश

नोटिस में घटना से संबंधित सभी दस्तावेज, वीडियो और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है। कांग्रेस की ओर से बीजेपी को जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राहुल गांधी की ओर से मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

राष्ट्रगान विवाद अब कानूनी लड़ाई की ओर

इस पूरे विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। बीजेपी जहां इसे राष्ट्रगान के अपमान का मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे तकनीकी चूक बताते हुए बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए घटना को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगा रही है। अब सबकी नजर बीजेपी के जवाब और संभावित कानूनी कार्रवाई पर है।

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