Nasrapur Rape And Murder Case: डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान, नसरापुर केस में फांसी की सजा को बताया मिसाल

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नसरापुर रेप-मर्डर मामले में त्वरित न्याय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय और सरकारी वकीलों के सामूहिक प्रयासों से बेहद कम समय में दोषी को फांसी की सजा दिलाना एक सराहनीय कार्य है, जो न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बढ़ाता है।

Nasrapur Rape And Murder Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 29, 2026

Nasrapur Rape And Murder Case: पुणे जिले के नसरापुर में एक मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। इस निर्णय ने न केवल पीड़िता के परिवार को न्याय का संबल दिया है, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन का भरोसा भी और अधिक मजबूत किया है। राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी बताया है।

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कठोर सजा पर डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अदालत के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगा। उन्होंने कहा, ”इस मामले में पुलिस प्रशासन, न्यायालय और सरकारी वकीलों ने जिस तत्परता और समन्वय के साथ कार्य किया, वह सराहनीय है। मैंने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि ऐसी विकृत मानसिकता और अपराध करने वाले व्यक्ति को जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है, उसे फांसी ही होनी चाहिए।”

शिंदे ने इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग और आवश्यक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई ही समाज में कानून का भय स्थापित कर सकती है, जिससे भविष्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

सुनेत्रा पवार ने बताया ‘ऐतिहासिक’

वहीं, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक’ करार दिया। उन्होंने कहा, ”घटना के मात्र दो महीनों के भीतर सुनवाई का पूरा होना और फैसला आना अपने आप में एक नजीर है। ऐसी क्रूर मानसिकता रखने वालों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस निर्णय से अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होगा और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

सुनेत्रा पवार ने मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) और पुणे ग्रामीण पुलिस की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ सरकार पूरी संवेदना के साथ खड़ी है और दोषियों को सजा दिलाने में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती गई।

सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

दोनों ही उपमुख्यमंत्रियों ने दोहराया कि राज्य सरकार महिलाओं, बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने भविष्य में ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से इस तरह के मामलों का त्वरित निस्तारण ही न्याय का सही स्वरूप है।

यह फैसला समाज के लिए एक बड़ा संदेश है कि मासूमों के साथ होने वाले अत्याचारों को न तो अनदेखा किया जाएगा और न ही सहन किया जाएगा। पुलिस, अभियोजन पक्ष और न्यायपालिका की इस सामूहिक सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी भयानक क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच पाना असंभव है। यह न्याय की जीत है और समाज के लिए सुरक्षा का एक नया संकल्प।

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