Ashok Kharat Case: खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले नासिक के अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के पापों का घड़ा अब भर चुका है। पुलिस जांच में एक के बाद एक ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिन्होंने मानवता और आस्था दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक ताजा शिकायत में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इस ढोंगी बाबा ने उसे अंधविश्वास के ऐसे मकड़जाल में उलझाया कि वर्षों तक उसका आर्थिक और मानसिक शोषण होता रहा।
अंधविश्वास का जाल और ’21 देशों की मिट्टी’ वाला अनोखा फ्रॉड
बताते चले कि, आरोपी अशोक खरात ने पीड़ित को गुमराह करने के लिए एक विचित्र मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाया। उसने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि यदि वह जीवन में अपार तरक्की चाहता है, तो उसे ’21 देशों की मिट्टी को छूना’ होगा। इस तथाकथित धार्मिक उपाय की आड़ में आरोपी ने पीड़ित को बार-बार विदेश यात्राओं पर भेजा। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी महंगी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का पूरा खर्च आरोपी ने खुद वहन करने के बजाय सीधे पीड़ित की जेब से वसूला। तरक्की का लालच देकर आरोपी ने उसे आर्थिक रूप से खोखला कर दिया।
जान से मारने की धमकी
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह शोषण केवल पैसों तक सीमित नहीं था। साल 2018 से 2025 के बीच आरोपी ने पीड़ित और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। इसी खौफ का फायदा उठाकर भोंदू बाबा ने पीड़ित को एक महंगी मर्सिडीज कार खरीदने पर मजबूर किया। इतना ही नहीं, विदेशों में ‘हाई-प्रोफाइल’ इलाज के फर्जी दावों और अपने निजी फार्महाउस के रखरखाव के नाम पर भी लाखों रुपये ऐंठे गए। पीड़ित को लगातार मानसिक तनाव और डरावने साये में रखा गया।
ईशानेश्वर मंदिर में ‘उत्तर पूजा’ और सांप का डरावना खेल
इस मामले का सबसे डरावना पहलू ‘उत्तर पूजा’ से जुड़ा है। भोंदू बाबा ने पीड़ित को ईशानेश्वर मंदिर बुलाकर अंधश्रद्धा और डर का माहौल पैदा किया। पूजा के बीच में अचानक एक बड़ा सांप दिखाया गया और दावा किया गया कि ‘ईशानेश्वर महाराज’ स्वयं प्रकट हुए हैं। इस घटना ने पीड़ित के मन में गहरे डर को जन्म दिया, जिससे वह पूरी तरह बाबा के नियंत्रण में आ गया। जांच में पता चला है कि खरात पहले लोगों की निजी जानकारियां जुटाता था और फिर उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर धार्मिक डर का सहारा लेता था।
विशेष जांच दल (SIT) की सक्रियता
मामले की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र अंधश्रद्धा उन्मूलन कानून (Anti-Superstition Act) के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रहा है। SIT प्रमुख तेजस्विनी सातपुते खुद इस ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं और उनकी मौजूदगी में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। नासिक जिला न्यायालय ने आरोपी अशोक खरात को 5 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
आर्थिक लेन-देन और संपर्कों के नेटवर्क की सघन पड़ताल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच का दायरा अब केवल यौन शोषण के पुराने आरोपों तक सीमित नहीं है। अब जांच अधिकारी खरात के वित्तीय नेटवर्क और संदिग्ध संपर्कों की भी छानबीन कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काली कमाई का निवेश कहाँ किया गया है और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। रोजाना होने वाली पूछताछ में कई और ‘हाई-प्रोफाइल’ नामों के सामने आने की संभावना है।









