NASA Crew-10: अंतरिक्ष में लगभग नौ महीने से फंसे भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मर को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए NASA का क्रू-10 मिशन अब इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंच चुका है। यह मिशन अमेरिका के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्थान NASA द्वारा चलाया जा रहा है, जो अब सुनीता और बुच की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अंतिम कदम उठा रहा है।
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नासा का रॉकेट लॉन्च, अंतरिक्षयात्री ISS पर डॉकिंग के लिए तैयार

नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से Falcon 9 रॉकेट के जरिए Dragon स्पेसक्राफ्ट पर क्रू-10 मिशन को लॉन्च किया गया था। इस मिशन में चार अंतरिक्षयात्री सवार हैं, जिनमें से दो अमेरिकी हैं, एक जापान से और एक रूस से हैं। ये अंतरिक्षयात्री अब ISS पर डॉकिंग की प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं। क्रू-10 मिशन में शामिल अंतरिक्षयात्री इस समय अंतरिक्ष यात्रा के इस जटिल और तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने में व्यस्त हैं।
सुनीता और बुच की वापसी के लिए स्पेसएक्स से संपर्क
इस मिशन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी दिलचस्पी थी, जिन्होंने सुनीता और बुच की पृथ्वी पर वापसी के लिए स्पेस एक्स के मालिक एलॉन मस्क से संपर्क किया था। ट्रंप ने कुछ दिन पहले कहा था कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सुनीता और बुच को अंतरिक्ष में छोड़ दिया है, और यह काम अब मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को सौंप दिया गया।
क्रू-10 की लॉन्चिंग में तकनीकी कारणों से हुई देरी

हालांकि, शुरू में 15 मार्च को क्रू-10 की लॉन्चिंग तकनीकी कारणों से टल गई थी, लेकिन बाद में मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया और अंतरिक्षयात्री ISS तक पहुंच गए हैं। यह मिशन स्पेस एक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है, जिसे NASA और स्पेस एक्स के संयुक्त प्रयासों से संचालित किया गया है।
सुनीता और बुच की वापसी की कोशिशें जारी
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मर पिछले साल 5 जून को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर गए थे। उन्हें शुरू में एक हफ्ते के भीतर वापस लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में गड़बड़ी के कारण उनका यह मिशन असफल हो गया और वे वहां फंसे रह गए। इन दोनों अंतरिक्षयात्री को वापस लाने के लिए कई प्रयास किए गए, और अब क्रू-10 मिशन उनके पृथ्वी पर लौटने की आखिरी कोशिश साबित हो सकता है।

सुनीता और बुच की पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी के लिए यह मिशन महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। अंतरिक्ष में उनके फंसे होने के बाद इस मिशन के सफल होने से न केवल अंतरिक्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान होगा, बल्कि NASA और स्पेस एक्स की संयुक्त कोशिशें भी इस चुनौती को पार करने में कामयाब साबित होंगी।