Maharashtra News: महाराष्ट्र पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को मुंबई के वर्सोवा और पुणे के रेड-लाइट एरिया में की गई छापेमारी के दौरान कुल 27 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। मुंबई में पकड़े गए समूह में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं, जो पिछले कई वर्षों से पहचान छिपाकर रह रहे थे।
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वर्सोवा में पुलिस की बड़ी दबिश
बताते चले कि, मुंबई की वर्सोवा पुलिस ने अवैध इमिग्रेशन (Illegal Immigration) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शकुलशाह दरगाह के पास नियमित गश्त (Patrol) के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध लोग मिले। गहन पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों (Electronic Evidence) की जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं। सीनियर पुलिस ऑफिसर दीपशिखा वारे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में से 21 ट्रांसजेंडर हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि इस सर्च ऑपरेशन के बाद अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
कोलकाता और मिजोरम सीमा से अवैध प्रवेश
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये विदेशी नागरिक कोलकाता और मिजोरम के रास्तों (Infiltration Routes) से अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इनमें से कई लोग पिछले 6 से 8 साल से भारत के विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, दिल्ली और मुंबई में बसे हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, ये लोग अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय स्तर पर घुल-मिल गए थे, जिससे विदेशी घुसपैठियों की पहचान (Identification of Infiltrators) करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
मानवाधिकार और सुरक्षा का पहलू
पुलिस ने ट्रांसजेंडर बंदियों की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बांग्लादेश में इस समुदाय को अक्सर सामाजिक सुरक्षा और सम्मान की कमी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक, “वे भारत को एक सुरक्षित पनाहगाह मानते हैं क्योंकि यहां समान नागरिक अधिकारों (Equal Rights) की अवधारणा मजबूत है।” यह ऑपरेशन इस साल मुंबई में अवैध विदेशी नागरिकों (Illegal Foreign Nationals) के खिलाफ की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
रेड-लाइट एरिया में पुलिस की सख्त घेराबंदी
मुंबई के साथ-साथ पुणे सिटी पुलिस ने भी अवैध गतिविधियों और अनैतिक कार्यों (Illegal Activities) के खिलाफ बुधवार पेठ इलाके में एक व्यापक ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ चलाया। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के सीधे निर्देश पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान 41 इमारतों की तलाशी ली गई और 426 महिलाओं व 290 पुरुषों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (Document Verification) किया गया। इस कार्रवाई में दो संदिग्ध बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया गया है।
नारकोटिक्स और कानूनी कार्रवाई
पुणे में चलाए गए इसी अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल अवैध प्रवासियों को पकड़ा, बल्कि ड्रग्स के अवैध कारोबार का भी भंडाफोड़ किया। पुलिस ने एक 31 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके पास से 7 ग्राम चरस (Narcotics Seizure) और इंजेक्शन की शीशियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ फरासखाना पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिरासत में ली गई बांग्लादेशी महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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