MP School Exam 2026: पेपर लीक रोकने का नया प्लान, हर प्रश्नपत्र पर होगा DICE Code

मध्य प्रदेश में स्कूल परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी है। पेपर लीक की घटनाओं के बाद नई व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। आपके दिए एंगल के मुताबिक हर प्रश्नपत्र पर DICE Code लगाया जाएगा, जिससे पेपर की पहचान और ट्रैकिंग आसान होगी। आखिर यह कोड लीक रोकने में कितना कारगर होगा?

MP School Exam 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 26, 2026

MP School Exam 2026 : मध्यप्रदेश में स्कूली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र के प्रत्येक पेज पर संबंधित स्कूल की पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें स्कूल का डाइस कोड, सील या बोर्ड कोड का वाटरमार्क शामिल रहेगा। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से पेपर लीक होने की स्थिति में उसके स्रोत की पहचान करना आसान होगा और जिम्मेदारी तय करने में जांच एजेंसियों को मदद मिलेगी।

हर पेज पर होगा डाइस कोड या बोर्ड कोड

नई व्यवस्था के तहत प्रश्न पत्र के केवल पहले पेज पर ही नहीं, बल्कि हर पेज पर संबंधित स्कूल की पहचान दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। प्रश्न पत्र में डाइस कोड, स्कूल की सील अथवा बोर्ड कोड का वाटरमार्क लगाया जाएगा। यदि परीक्षा से पहले किसी प्रश्न पत्र की कॉपी बाहर आती है, तो उस पर मौजूद पहचान चिह्न के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि वह किस स्कूल से संबंधित है। इससे जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पेपर की प्रिंटिंग और वितरण के लिए प्रोटोकॉल तय

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए केवल वाटरमार्क तक व्यवस्था सीमित नहीं रखी है। प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई और संबंधित स्कूलों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। विभाग चाहता है कि परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे। इससे प्रश्न पत्रों के अनधिकृत तरीके से बाहर जाने की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा।

सितंबर की त्रैमासिक परीक्षा से होगी शुरुआत

इस नई व्यवस्था को सबसे पहले कक्षा 9वीं से 12वीं की सितंबर में आयोजित होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं में लागू किया जाएगा। विभाग ने इन परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने और उनके वितरण की समयसीमा भी निर्धारित की है। अधिकारियों के अनुसार प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया 2 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 3 सितंबर तक प्रश्न पत्र संबंधित स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी है।

7 से 17 सितंबर तक होंगी परीक्षाएं

मध्यप्रदेश में कक्षा 9वीं से 12वीं की त्रैमासिक परीक्षाएं 7 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों की परीक्षाएं दो पालियों में होंगी। कक्षा 9वीं और 10वीं की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।

परीक्षा व्यवस्था में बढ़ेगी पारदर्शिता

विभाग का कहना है कि प्रश्न पत्र पर स्कूल की विशिष्ट पहचान दर्ज करने से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। किसी प्रश्न पत्र के लीक होने की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाने में पहले की तुलना में आसानी हो सकती है। साथ ही स्कूल स्तर पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही भी बढ़ेगी। विभाग की कोशिश है कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

पेपर लीक की जांच में मिलेगी मदद

प्रश्न पत्र पर मौजूद डाइस कोड या अन्य पहचान चिह्न जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं। यदि परीक्षा शुरू होने से पहले किसी प्रश्न पत्र की तस्वीर या कॉपी सामने आती है, तो उस पर मौजूद वाटरमार्क अथवा कोड के जरिए संबंधित स्कूल तक पहुंचा जा सकेगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि प्रश्न पत्र किस स्तर से बाहर आया। इसके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकेगी।

सुरक्षा के साथ परीक्षा संचालन पर जोर

नई व्यवस्था के जरिए स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षा संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। सितंबर की त्रैमासिक परीक्षाएं इस नई व्यवस्था की पहली बड़ी परीक्षा होंगी। यदि यह प्रणाली प्रभावी साबित होती है, तो भविष्य में अन्य स्कूली परीक्षाओं में भी इसे जारी रखा जा सकता है। फिलहाल विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखना, पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाना और विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष परीक्षा माहौल सुनिश्चित करना है।

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