Mojtaba Khamenei Russia: मोजतबा खामेनेई रूस में भर्ती या तेहरान में कोमा में? ईरान के नए सुप्रीम लीडर की सेहत पर गहराया रहस्य

ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के रूस के किसी मिलिट्री अस्पताल में भर्ती होने की चर्चाएं तेज हैं। क्या 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं? तेहरान से आ रही रिपोर्ट्स उन्हें वेंटिलेटर पर बता रही हैं, जबकि पुतिन की चुप्पी ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया है।

Mojtaba Khamenei Russia

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 15, 2026

Mojtaba Khamenei Russia: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अल जजीरा की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को एक अत्यंत गोपनीय मिशन के तहत रूस भेजा गया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और सुरक्षा कारणों से उन्हें ईरानी सीमा से बाहर ले जाने का फैसला किया गया। रिपोर्टों का दावा है कि उन्हें एक रूसी सैन्य विमान के जरिए मॉस्को पहुँचाया गया, जहाँ राष्ट्रपति भवन से संबद्ध एक उच्च-स्तरीय अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस गुप्त यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है।

इजरायल और अमेरिका की कड़ी नजर और सुरक्षा खतरे

जब से मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की जगह ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार संभाला है, वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निशाने पर रहे हैं। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियां लगातार उनके ठिकानों की निगरानी कर रही हैं। ईरान में चल रही भीषण बमबारी और हवाई हमलों के कारण वहां उनका सुरक्षित इलाज संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि उनकी लोकेशन लीक हो सकती है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो जाता। इसी जोखिम को कम करने के लिए उन्हें रूस भेजने का रणनीतिक निर्णय लिया गया।

पुतिन का प्रस्ताव और सफल सर्जिकल ऑपरेशन

सूत्रों का कहना है कि मोजतबा खामेनेई को रूस में शरण देने और इलाज कराने का प्रस्ताव खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दिया था। पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के साथ सीधी बातचीत में यह पेशकश रखी थी। इसके बाद गुरुवार को एक विशेष रूसी सैन्य विमान तेहरान से उड़ा और मोजतबा को लेकर मॉस्को पहुँचा। वहां के विशेष चिकित्सा केंद्र में उनकी सर्जरी सफल रही है। हालांकि, ईरान आधिकारिक तौर पर मोजतबा के घायल होने की खबरों का खंडन करता रहा है, लेकिन रिपोर्टों का मानना है कि हालिया संघर्षों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण यह आपातकालीन कदम उठाना पड़ा।

डोनाल्ड ट्रंप के दावे और मोजतबा की स्थिति पर सस्पेंस

मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर सबसे बड़ा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से शुरू हुआ। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से मोजतबा के जीवित होने पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बेहद कड़े लहजे में कहा, “मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी हैं या नहीं, क्योंकि अभी तक उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा नहीं गया है।” ट्रंप ने यहां तक सुझाव दिया कि यदि मोजतबा जीवित हैं, तो उन्हें अपने देश के भले के लिए आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। ट्रंप के इन दावों ने उन अटकलों को और हवा दे दी है कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता की वास्तविक स्थिति को दुनिया से छिपा रहा है।

ईरान-इजराइल युद्ध और भविष्य की अनिश्चितता

ईरान वर्तमान में एक साथ कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ इजराइल के साथ सीधा सैन्य टकराव है, तो दूसरी तरफ आंतरिक नेतृत्व को सुरक्षित रखने की बड़ी जिम्मेदारी। मोजतबा खामेनेई का रूस में होना न केवल उनके निजी स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, बल्कि यह रूस और ईरान के मजबूत होते सैन्य और राजनीतिक रिश्तों का भी प्रतीक है। यदि मोजतबा लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहते हैं, तो ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष और अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मॉस्को से आने वाली अगली आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन या मोजतबा के किसी वीडियो संदेश पर टिकी हैं।

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