Mojtaba Khamenei Warning: मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने पदभार संभालते ही अपना पहला आक्रामक संदेश जारी कर दिया है। अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता की कमान संभालने वाले मुज्तबा ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान पीछे हटने के मूड में नहीं है। उनके इस पहले संबोधन ने न केवल युद्ध के और अधिक भड़कने के संकेत दिए हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है।
“शहीदों और बच्चों की मौत का बदला लेंगे”: मुज्तबा का पहला हुंकार
अपने पहले आधिकारिक संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने सीधे तौर पर प्रतिशोध की बात कही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “शहीदों की मौत का बदला लिया जाएगा” और निर्दोष बच्चों की जान की कीमत हमलावरों को चुकानी होगी। मुज्तबा ने भावुक होते हुए कहा कि किसी भी ईरानी नागरिक की शहादत को भुलाया नहीं जाएगा। उनका यह बयान उस समय आया है जब ईरान और इजरायल के बीच जंग अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच चुकी है। मुज्तबा ने अपने पिता सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने को अपना प्राथमिक लक्ष्य बताया है, जिससे साफ है कि यह संघर्ष निकट भविष्य में थमने वाला नहीं है।
स्टेट ऑफ होर्मुज बंद: वैश्विक तेल बाजार में मचेगा हाहाकार
मुज्तबा खामेनेई ने दुनिया को चिंता में डालने वाला सबसे बड़ा ऐलान ‘स्टेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर किया है। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग फिलहाल बंद रहेगा। गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों से मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। ‘स्टेट ऑफ होर्मुज’ वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है। इसके बंद होने के ऐलान से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का संकट और गहराना तय है, जिससे विकासशील और विकसित दोनों ही देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भारी दबाव पड़ेगा।
अमेरिकी सैन्य बेस पर हमलों की चेतावनी: “मिडिल-ईस्ट खाली करो”
ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने सीधे तौर पर अमेरिका को निशाने पर लेते हुए कहा कि मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सभी आर्मी बेस (सैन्य ठिकाने) तत्काल खाली होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिकी सेना इस क्षेत्र को छोड़कर नहीं जाती, तब तक ईरान और उसके सहयोगी अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखेंगे। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुज्तबा के नेतृत्व के पक्ष में नहीं थे, लेकिन अब मुज्तबा ने अपनी कट्टरपंथी नीतियों से साफ कर दिया है कि वे वाशिंगटन के लिए एक बड़ी चुनौती बनने वाले हैं।
मुज्तबा खामेनेई के संबोधन के 5 मुख्य बिंदु
मुज्तबा ने अपने पहले संदेश में पांच बड़े संकल्प दोहराए हैं:
अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का हर हाल में बदला लेना।
‘स्टेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए होने वाले व्यापारिक मार्ग को बंद रखना।
संपूर्ण मिडिल-ईस्ट क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को पूरी तरह समाप्त करना।
इजरायल और अमेरिका के सहयोगियों पर हमले जारी रखना।
युद्ध में मारे गए बच्चों और शहीदों के खून का हिसाब मांगना।
युद्ध की आग में झुलसता मिडिल-ईस्ट और कूटनीतिक संकट
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई उन सभी देशों के खिलाफ तेज कर दी है जो अमेरिका और इजरायल का साथ दे रहे हैं। मिडिल-ईस्ट के वे देश, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं, अब ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों के सीधे निशाने पर हैं। मुज्तबा खामेनेई के इस कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि यह जंग अब केवल क्षेत्रीय न रहकर एक वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा संकट में तब्दील हो गई है।










