Modified UDAN Scheme: केंद्र सरकार ने देश के आम नागरिक के हवाई यात्रा के सपने को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व मजबूती देने के उद्देश्य से संशोधित ‘उड़ान’ (UDAN) योजना 2026 को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार ने 28,840 करोड़ रुपये के विशाल बजट का प्रावधान किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस योजना की घोषणा करते हुए इसे भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है।
आम आदमी का सपना होगा सच: किफायती और सुलभ हवाई यात्रा
संशोधित उड़ान योजना का प्राथमिक लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करना है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “हवाई चप्पल पहनने वाला आम आदमी भी हवाई जहाज की यात्रा कर सके।” इस योजना के तहत देश के दूर-दराज और उन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी है, जहाँ अब तक हवाई सेवाएं नहीं पहुँच पाई हैं। सरकार का प्रयास है कि छोटे शहरों और कस्बों को सीधे बड़े महानगरों से जोड़ा जाए, जिससे न केवल यात्रा सुलभ होगी बल्कि आम लोगों के लिए यह किफायती भी बनी रहेगी।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई संजीवनी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। नए रूट्स शामिल करने और मौजूदा हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे में सुधार से छोटे और मध्यम शहरों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, पर्यटन के नए केंद्र विकसित होंगे और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार छोटे शहरों में हवाई यातायात के घनत्व को बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है।
100 नए हवाई अड्डों और 200 हेलिपैड्स का होगा कायाकल्प
इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर सरकार ने अगले आठ वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है। योजना के तहत देशभर में 100 नए हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। ये हवाई अड्डे उन मौजूदा एयरस्ट्रिप्स को अपग्रेड करके बनाए जाएंगे जो फिलहाल सेवा में नहीं हैं। इस कार्य के लिए 12,159 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 200 आधुनिक हेलिपैड विकसित करने का लक्ष्य है, जिस पर 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
VGF के जरिए एयरलाइंस को मिलेगी आर्थिक मजबूती
क्षेत्रीय रूट्स पर हवाई सेवाओं को लंबे समय तक टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए सरकार ने विशेष वित्तीय मदद का ऐलान किया है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, एयरलाइंस को अगले 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपये की Viability Gap Funding (VGF) प्रदान की जाएगी। यह फंडिंग उन रूट्स पर होने वाले घाटे की भरपाई करेगी जहाँ शुरुआत में यात्रियों की संख्या कम हो सकती है, जिससे विमानन कंपनियां बिना किसी वित्तीय बोझ के छोटे शहरों के लिए अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगी।
निष्कर्ष: ‘उड़े देश का आम नागरिक’ का नया अध्याय
अक्टूबर 2016 में शुरू हुई ‘उड़ान’ योजना ने पिछले एक दशक में भारत के आसमान की तस्वीर बदल दी है। अब 2026 का यह संशोधित संस्करण इस सफलता को और अधिक गति प्रदान करेगा। 28,840 करोड़ रुपये का यह निवेश भारतीय विमानन क्षेत्र को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सुलभ मार्केट में तब्दील करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। आने वाले समय में भारत का हर कोना हवाई मार्ग से जुड़ने के लिए तैयार है।
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