Mitchell Starc IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से ठीक पहले क्रिकेट जगत में हलचल मची हुई है। जहां एक ओर कई दिग्गज तेज गेंदबाज चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो रहे हैं, वहीं ऑस्ट्रेलिया के स्टार गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने एक चौंकाने वाला फैसला लिया है। स्टार्क न तो चोटिल हैं और न ही उनके परिवार में कोई आपात स्थिति है, इसके बावजूद वे इस सीजन के कुछ महत्वपूर्ण मुकाबले मिस करेंगे। इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह उनका ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ बताया जा रहा है।
वर्कलोड मैनेजमेंट: टेस्ट क्रिकेट को स्टार्क ने दी प्राथमिकता
मिचेल स्टार्क वर्तमान में दिल्ली कैपिटल्स की टीम का अहम हिस्सा हैं। फ्रेंचाइजी ने उन्हें 11.75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पर रिटेन किया था। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड (CA) और स्टार्क ने भविष्य के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए यह निर्णय लिया है। दरअसल, अगस्त 2026 से मार्च 2027 के बीच ऑस्ट्रेलिया को कुल 15 टेस्ट मैच खेलने हैं। इसमें दक्षिण अफ्रीका और भारत के खिलाफ होने वाली महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज शामिल हैं। इन सीरीज में अपनी फिटनेस और धार बरकरार रखने के लिए स्टार्क आईपीएल के दौरान खुद को तरोताजा रखना चाहते हैं।
सैलरी पर पड़ेगा असर: करोड़ों रुपये का होगा नुकसान
आईपीएल के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी अपनी मर्जी से मैचों से दूरी बनाता है, तो उसकी पूरी सैलरी नहीं दी जाती। स्टार्क को इस सीजन में प्रो-राटा (Pro-rata) आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि उन्हें केवल उन्हीं मैचों के पैसे मिलेंगे जिनमें वे उपलब्ध रहेंगे। आमतौर पर, यदि कोई खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए उपलब्ध रहता है (भले ही उसे प्लेइंग इलेवन में मौका न मिले), तो उसे पूरी फीस मिलती है। लेकिन निजी तौर पर विश्राम लेने की स्थिति में वित्तीय कटौती अनिवार्य है। केवल बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले भारतीय खिलाड़ियों को ही चोट की स्थिति में इंश्योरेंस के माध्यम से पूरी राशि मिलती है।
आईपीएल 2026 पर चोट का साया: कई दिग्गज हुए बाहर
टूर्नामेंट शुरू होने में अब एक हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन कई फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों की चोट से परेशान हैं। चेन्नई सुपर किंग्स को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि उनके मुख्य तेज गेंदबाज नाथन एलिस चोटिल होकर बाहर हो गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के जैक एडवर्ड्स और राजस्थान रॉयल्स के स्टार ऑलराउंडर सैम कर्रन भी इस सीजन का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। कोलकाता नाइट राइडर्स के उभरते हुए गेंदबाज हर्षित राणा पहले ही चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा, पैट कमिंस और जॉश हेजलवुड भी अपनी चोट से उबर रहे हैं और वे शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं होंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं और निजी कारण बने बाधा
सिर्फ चोट ही नहीं, बल्कि निजी कारण भी आईपीएल की चमक को थोड़ा फीका कर रहे हैं। लॉकी फर्ग्यूसन जैसे खिलाड़ी अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए शुरुआती मैचों से हट गए हैं। पैट कमिंस और हेजलवुड जैसे गेंदबाज भी अपनी फिटनेस को लेकर काफी सतर्क हैं और वे विश्व क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के दबदबे को बनाए रखने के लिए आईपीएल में अपने वर्कलोड को सावधानी से मैनेज कर रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए स्टार्क की अनुपस्थिति एक रणनीतिक चुनौती पेश करेगी, क्योंकि उन्हें अब अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को संतुलित करने के लिए नए विकल्पों की तलाश करनी होगी।
खिलाड़ियों की प्राथमिकता में बदलाव
मिचेल स्टार्क का यह कदम दर्शाता है कि आधुनिक युग में खिलाड़ी अब आईपीएल की बड़ी रकम के मुकाबले अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने को अधिक महत्व दे रहे हैं। 11.75 करोड़ की सैलरी में कटौती झेलकर भी स्टार्क का टेस्ट क्रिकेट के लिए खुद को बचाना खेल के प्रति उनके समर्पण को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली कैपिटल्स उनके बिना शुरुआती मैचों में कैसा प्रदर्शन करती है।
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