वन मित्रों की बकाया राशि पर मंत्री राव नरबीर सख्त, 15 सितंबर तक भुगतान का अल्टीमेटम

चंडीगढ़  हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने वन मित्रों की वित्तवर्ष 2025-26 और 2026-27 की बकाया मैनटेनेंस राशि का भुगतान 15 सितंबर तक हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भुगतान में किसी तरह की मनमानी या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वन मित्रों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान में वन मित्र विभाग और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने वन मित्रों को निजी भूमि के साथ वन विभाग की जमीन पर भी

Wrriten By :

Editor

Published On :

सितम्बर 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

चंडीगढ़
 हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने वन मित्रों की वित्तवर्ष 2025-26 और 2026-27 की बकाया मैनटेनेंस राशि का भुगतान 15 सितंबर तक हर हाल में करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भुगतान में किसी तरह की मनमानी या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वन मित्रों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि पौधारोपण अभियान में वन मित्र विभाग और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने वन मित्रों को निजी भूमि के साथ वन विभाग की जमीन पर भी पौधे लगाने की अनुमति देने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित हो सके।

बैठक में बताया गया कि वित्तवर्ष 2026-27 में 635 वन मित्रों ने करीब चार लाख पौधे लगाए हैं। इनमें से 2 लाख 14 हजार 992 पौधों का सत्यापन कर उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।

मंत्री ने वन मित्रों के पंजीकरण के लिए पोर्टल को 30 सितंबर 2026 तक खुला रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पहले से पंजीकृत वन मित्रों से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को भी वन मित्र बनाने पर जोर दिया गया।

राव नरबीर सिंह ने वन विभाग की जमीन पर पौधारोपण बढ़ाने और लगाए गए पौधों की चार से पांच वर्ष तक देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्राण वायु देवता पेंशन योजना के तहत प्रदेश में करीब 5,300 पेड़ों की पहचान की गई है। इनकी देखभाल करने वालों को सालाना एक हजार रुपये पेंशन दी जाती है।

2