Meghalaya Coal Mine Explosion News: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार, 5 फरवरी को एक अवैध कोयला खदान में हुए धमाके ने बड़ा हादसा कर दिया। इस विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं और फंसे हुए मजदूरों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री का बयान और मुआवज़ा

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि अवैध खनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 3 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा भी की।
पुलिस और बचाव अभियान
पुलिस महानिदेशक आई. नोंग्रांग ने बताया कि अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके थे, बाद में दो और मौतों की पुष्टि हुई जिससे मृतकों की संख्या 18 हो गई। विस्फोट के समय खदान में कितने मजदूर मौजूद थे, इसका पता लगाया जा रहा है। पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने कहा कि विस्फोट में घायल एक व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में शिलांग अस्पताल रेफर किया गया। उन्होंने माना कि खदान अवैध रूप से संचालित हो रही थी।
खदान मालिक गिरफ्तार
घटना के बाद शुक्रवार, 6 फरवरी को दो खदान मालिकों को गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि सरकार अवैध रैट-होल खदानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रैट-होल खनन पर प्रतिबंध
रैट-होल खनन संकरी सुरंगों के जरिए कोयला निकालने की विधि है, जिसे राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने 2014 में प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद मेघालय में यह खनन जारी है और कई मजदूरों की जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दो कैबिनेट मंत्रियों को घटनास्थल पर भेजकर बचाव, राहत और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
पूर्व की घटनाएँ
पूर्वी जयंतिया हिल्स में यह पहली दुर्घटना नहीं है। जनवरी 2021 में एक खदान हादसे में छह मजदूरों की मौत हुई थी। दिसंबर 2018 में कसन क्षेत्र में नदी का पानी भर जाने से 15 मजदूर खदान में फंस गए थे, जिनमें से केवल तीन शव सात महीने बाद बरामद किए गए।
हाईकोर्ट की रिपोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति ने फरवरी 2025 में रिपोर्ट दी थी कि राज्य के छह जिलों में अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। रिपोर्ट में 1.69 लाख मीट्रिक टन अवैध कोयले का पता चला। राज्य सरकार ने बताया कि 2022 में 92,268 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया और अतिरिक्त 41,477 मीट्रिक टन दर्ज किया गया।
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