Meerut Metro train running at 120 kmph speed: दिल्ली का रिकॉर्ड तोड़ेगी मेरठ मेट्रो, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

मेरठ में भारत की सबसे तेज मेट्रो शुरू होने जा रही है। 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली यह मेट्रो 21 किलोमीटर के रूट पर 12 स्टेशनों को जोड़ेगी और पूरा सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा होगा। अब सबकी नजर इसके उद्घाटन की तारीख पर है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 18, 2026

Meerut Metro train running at 120 kmph speed: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ के लिए एक ऐतिहासिक पल आने वाला है। मेरठ अब उत्तर प्रदेश की पांचवीं मेट्रो सिटी बनने जा रही है। इस नई मेट्रो सेवा के शुरू होने से दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 55 से 60 मिनट रह जाएगा। खास बात यह है कि मेरठ मेट्रो 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने के लिए तैयार है, जो इसे देश की सबसे तेज मेट्रो बना देगी। इससे पहले 110 किमी प्रति घंटे की गति के साथ दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नाम सबसे तेज मेट्रो का रिकॉर्ड था।

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21 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, 12 आधुनिक स्टेशन

Meerut Metro train running at 120 kmph speed
दिल्ली का रिकॉर्ड तोड़ेगी मेरठ मेट्रो

मेरठ मेट्रो कॉरिडोर मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक करीब 21 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए गए हैं, जहां ट्रेन हर स्टेशन पर रुकेगी। यात्री पूरा सफर लगभग 30 मिनट में तय कर सकेंगे। इस परियोजना से शहर के भीतर आवागमन काफी आसान हो जाएगा और ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।यह मेट्रो न केवल दैनिक यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। बेहतर परिवहन व्यवस्था से व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी ट्रेनें

मेरठ मेट्रो की ट्रेनें स्टेनलेस-स्टील बॉडी और हल्की संरचना के साथ तैयार की गई हैं। इनका डिजाइन फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज रंग थीम पर आधारित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच वाली होगी और पूरी तरह वातानुकूलित रहेगी। एक ट्रेन में 700 से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे, जिनमें 173 सीटों की व्यवस्था होगी।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में कुशन वाली आरामदायक सीटें, लगेज रैक और मोबाइल चार्जिंग के लिए USB पोर्ट उपलब्ध कराए गए हैं। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित सीटों की विशेष व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा और तकनीक में भी आगे

मेरठ मेट्रो में अत्याधुनिक सुरक्षा और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम लगाए गए हैं। ट्रेनें ऊर्जा-कुशल हैं और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होगी।

स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रहेगी। सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए जाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के लिए विशेष स्थान और लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

नमो भारत के साथ साझा ट्रैक

भारत में पहली बार मेट्रो सेवाएं सेमी-हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ (RRTS) ट्रेनों के साथ एक ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होंगी। यह कदम शहरी और क्षेत्रीय परिवहन को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस मेट्रो सेवा का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही मेरठ, उत्तर प्रदेश के उन शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां आधुनिक मेट्रो नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है। यह परियोजना शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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