Meerut fire tragedy: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। सोमवार की शाम लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर इलाके में एक मकान में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार की खुशियों को पल भर में राख कर दिया। आग की चपेट में आने से परिवार के पांच मासूम बच्चों और एक महिला की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
घर बना ‘मौत का जाल’

हादसा उस वक्त हुआ जब घर के पुरुष सदस्य, इकबाल और उनके भाई, पास की मस्जिद में नमाज अदा करने गए थे। घर में केवल महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। जिस दो मंजिला मकान में यह हादसा हुआ, उसके निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में कपड़े का एक गोदाम था। शाम के समय अचानक गोदाम से धुंआ और आग की लपटें उठने लगीं। इससे पहले कि ऊपर रह रहे परिवार को कुछ समझ आता, आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
तंग गलियां बनीं रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा
पड़ोसियों द्वारा शोर मचाने पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन किदवई नगर की तंग गलियों ने बचाव कार्य में बड़ी चुनौती पेश की। दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक दमकलकर्मी घर के अंदर दाखिल हुए, तब तक सात लोग बुरी तरह झुलस चुके थे।
अस्पताल में मासूमों ने तोड़ा दम
बचाव दल ने कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया और झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद पांच बच्चों और एक महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक महिला की स्थिति अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वह वेंटिलेटर पर है। अस्पताल के बाहर परिजनों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। यह मंजर इतना हृदय विदारक था कि पूरे मेरठ शहर में शोक की लहर दौड़ गई है।
शॉर्ट सर्किट या कुछ और?
मेरठ पुलिस और फायर विभाग अब इस अग्निकांड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। प्रशासन के सामने मुख्य सवाल यह है कि रिहायशी इलाके के भीतर कपड़े का गोदाम संचालित करने के लिए क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था?
शुरुआती अनुमान: फिलहाल आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन सटीक कारणों का पता फोरेंसिक जांच के बाद ही चलेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई: पुलिस आसपास के लोगों और मकान मालिक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
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