Meerut News: व्यापारियों की हड़ताल से थमा मेरठ, प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध

मेरठ में व्यापारियों की हड़ताल ने पूरे शहर को ठप कर दिया है, जिससे बाजारों में सन्नाटा छा गया। प्रशासन के खिलाफ बढ़ते विरोध ने हालात को गंभीर बना दिया है। आखिर व्यापारियों का गुस्सा क्यों भड़का, क्या है पूरा विवाद, और आगे क्या होगा, जानिए इस रिपोर्ट में विस्तार से

व्यापारियों की हड़ताल से थमा मेरठ

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 10, 2026

Meerut News: Meerut में सेंट्रल मार्केट के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए आयोजित बंद का व्यापक असर देखने को मिला। संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों के आह्वान पर हुए इस बंद में शहर के व्यापारी पूरी तरह एकजुट नजर आए। लगभग 665 व्यापारिक संगठनों ने इस अभियान में हिस्सा लिया, जिससे शहरभर में इसका असर साफ दिखाई दिया।

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सुबह से ही शुरू हुई तैयारियां

बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारिक नेताओं ने सुबह तड़के ही सक्रियता दिखानी शुरू कर दी थी। विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी संभाली। यहां तक कि चाय और हलवाई की दुकानों को भी बंद कराया गया, जिससे बंद का प्रभाव और मजबूत हुआ। दूसरी ओर, व्यापार संघ के दूसरे गुट के सदस्य भी समूह बनाकर शहर में घूमते रहे और लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील करते हुए धरना स्थल तक पहुंचे।

प्रमुख बाजारों में पूरी तरह बंद रहे प्रतिष्ठान

शहर के प्रमुख बाजारों जैसे शारदा रोड, सदर बाजार, दिल्ली रोड और कोटला क्षेत्र में लगभग 100 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं। व्यापारिक नेताओं ने बताया कि यह बंद केवल विरोध नहीं, बल्कि एकजुटता का प्रदर्शन भी था। उनका कहना था कि शहर के करीब ढाई लाख व्यापारी इस मुद्दे पर एक साथ खड़े हैं और सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

धरना स्थल पर जुटा व्यापारियों का जनसैलाब

धरना स्थल पर जुटा व्यापारियों का जनसैलाब
धरना स्थल पर जुटा व्यापारियों का जनसैलाब

सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सेंट्रल मार्केट स्थित धरना स्थल पर व्यापारियों की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां उन्होंने प्रशासन और आवास विकास परिषद के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। व्यापारियों ने इस दौरान अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया और चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन

इस बंद को कई प्रमुख संगठनों का भी समर्थन मिला। व्यापार मंडलों के अलावा मेडिकल एसोसिएशन, बार एसोसिएशन और अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी इसमें भागीदारी निभाई। इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने खुलकर व्यापारियों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई और इसे एकजुटता का प्रतीक बताया।

ब्रांडेड शोरूम और आवश्यक सेवाओं की स्थिति

शहर के प्रमुख इलाकों जैसे आबूलेन, बेगमपुल और गढ़ रोड पर स्थित बड़े शोरूम भी सुबह तक बंद रहे, हालांकि दोपहर बाद कुछ जगहों पर दुकानें खुलनी शुरू हो गईं। वहीं, बाहरी क्षेत्रों—कंकरखेड़ा, रोहटा रोड, गंगानगर, जागृति विहार और नौचंदी—में जरूरी सेवाओं से जुड़ी दुकानें खुली रहीं। फल, सब्जी, डेयरी और कन्फेक्शनरी की दुकानों के खुले रहने से आम लोगों को राहत मिली।

आंशिक रूप से खुला बाजार

दोपहर के बाद शहर के लगभग 75 प्रतिशत बाजार धीरे-धीरे खुलने लगे। कुछ क्षेत्रों में व्यापारियों को बंद से संबंधित कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले थे, जिसके चलते उन्होंने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे। इसके बावजूद, कुल मिलाकर बंद का असर शहरभर में व्यापक रूप से देखने को मिला।

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