मेदिनीनगर NEET परीक्षा विवाद: 48 छात्रों की परीक्षा प्रभावित, अफरा-तफरी

 पलामू पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) के आयोजन के दौरान योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. दरअसल हुआ ये कि इस केंद्र पर कुल 360 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे. लेकिन केंद्र के कक्षा संख्या 11 में आवंटित 48 विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय शुरू होने के काफी देर बाद तक प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका. परीक्षार्थियों ने लगभग एक घंटे तक शांतिपूर्वक इंतजार किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. छात्रों

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Published On :

मई 3, 2026

 पलामू

पलामू प्रमंडल मुख्यालय मेदिनीनगर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) के आयोजन के दौरान योध सिंह नामधारी महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. दरअसल हुआ ये कि इस केंद्र पर कुल 360 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे. लेकिन केंद्र के कक्षा संख्या 11 में आवंटित 48 विद्यार्थियों के लिए परीक्षा का समय शुरू होने के काफी देर बाद तक प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका. परीक्षार्थियों ने लगभग एक घंटे तक शांतिपूर्वक इंतजार किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उनका धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया.

छात्रों का फूटा गुस्सा, भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
जानकारी के मुताबिक प्रश्न पत्र न मिलने से परेशान विद्यार्थियों ने लगभग डेढ़ घंटे बाद कक्षा से बाहर निकले और जमकर उत्पात मचाया. छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जिला प्रशासन और कॉलेज के मिस-मैनेजमेंट (कुप्रबंधन) के कारण उनके साल भर की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है. छात्रों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन ने नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा को छोटी कक्षाओं की परीक्षा समझ रखा है और यह घोर लापरवाही का प्रमाण है. हंगामे के दौरान केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों ने पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे.

मारपीट और तनावपूर्ण माहौल
केंद्र पर स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान एक विद्यार्थी के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई. इसके बाद माहौल और बिगड़ गया और भारी संख्या में पुलिस बल को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. खबर लिखे जाने तक सूचना है कि कक्षा 11 के उन 48 विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र नहीं मिल सका था, जिसके कारण उनकी परीक्षा अधर में लटक गई है. इस घटना ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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