UP Politics: आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद की एंट्री, मायावती ने खोला नया सियासी रास्ता

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी है। ईशान को कई राज्यों का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। मायावती ने उनका आधिकारिक X अकाउंट भी सार्वजनिक किया। इस घटनाक्रम को BSP की नई रणनीति और युवा नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।

UP Politics

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 10, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी में इन दिनों बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में ओवरहालिंग के साथ नई राजनीतिक दिशा के संकेत दिए हैं। आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के बाद अब उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपे जाने से बसपा की अगली रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद मायावती का बड़ा फैसला

UP Politics
आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद की एंट्री

दरअसल, मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया। उनके फैसले पर मायावती ने ‘देर आए, दुरुस्त आए’ टिप्पणी की। इसके बाद मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के दामाद और अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का फैसला किया। मायावती ने आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी तथा बहुजन आंदोलन के हितों से ऊपर निजी और पारिवारिक स्वार्थ को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया।

आकाश आनंद के बाद ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बताते चले कि, आकाश आनंद के निष्कासन के बीच मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर एक नया विकल्प सामने रखा है। ईशान आनंद, बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। हाल ही में उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई, जिसके बाद वह अचानक बसपा की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।

ईशान आनंद को कई राज्यों में मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि वह करीब 15 से 19 राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करेंगे। हालांकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे प्रमुख चुनावी राज्यों को फिलहाल उनकी जिम्मेदारी से अलग रखा गया है।

मायावती ने ईशान आनंद का आधिकारिक X अकाउंट किया सार्वजनिक

ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी देने के साथ मायावती ने उनकी राजनीतिक मौजूदगी को सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक कर दिया। मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर ईशान आनंद के आधिकारिक ट्विटर/एक्स अकाउंट की जानकारी साझा की। इस कदम को बसपा में ईशान आनंद की सार्वजनिक राजनीतिक लॉन्चिंग के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा के बाद ईशान आनंद अपनी रिपोर्ट मायावती और अपने पिता आनंद कुमार को सौंपेंगे।

ईशान आनंद ने मायावती के फैसलों का किया समर्थन

आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद ईशान आनंद ने सोशल मीडिया के जरिए मायावती के फैसलों और संगठनात्मक अनुशासन का खुलकर समर्थन किया है। इसके बाद बसपा के भीतर उन्हें युवा चेहरे और संभावित नए राजनीतिक विकल्प के रूप में देखा जाने लगा है। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि मायावती ने एक तरफ आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किया है, वहीं दूसरी तरफ उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

कारोबार संभालने के बाद राजनीति में सक्रिय

ईशान आनंद की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी चर्चा में है। उन्होंने नोएडा के जेनेसिस ग्लोबल स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल की और इसके बाद लंदन के वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले वह लंबे समय से परिवार के कारोबारी और व्यावसायिक कामकाज को संभाल रहे थे।
अब मायावती के निर्देश पर ईशान आनंद पार्टी के संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अप्रैल 2025 में उनका विवाह राधिका खन्ना से हुआ था।

मायावती ने दोहराया BSP का त्याग और संघर्ष वाला सिद्धांत

ईशान आनंद को आगे बढ़ाने के साथ मायावती ने बसपा की विचारधारा और संगठनात्मक अनुशासन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीएसपी की राजनीति बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के त्याग, संघर्ष और समर्पण के सिद्धांतों पर आधारित है। मायावती ने कार्यकर्ताओं को निजी और पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठने का संदेश देते हुए कहा कि बहुजन समाज को शासक वर्ग बनाने के लिए बड़ी कुर्बानियों की जरूरत है।

आकाश आनंद पर मायावती के आरोप

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद पर पार्टी हित के बजाय पारिवारिक स्वार्थ को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से आकाश आनंद के रवैये का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मायावती के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया, जबकि इससे पहले वह पार्टी प्रमुख की पोस्ट को रिपोस्ट कर अपनी वफादारी दिखाते रहे थे।

UP Politics
मायावती का बड़ा दांव! आकाश आनंद बाहर

अब आकाश आनंद के पार्टी से बाहर होने और ईशान आनंद को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद बसपा की सियासत में एक नया अध्याय शुरू होता दिखाई दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईशान आनंद आने वाले UP Election 2027 में बसपा के युवा चेहरे के तौर पर बड़ी भूमिका निभा पाएंगे?

2