Manu Bhaker: भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर (Manu Bhaker) का खेल रत्न अवॉर्ड की लिस्ट से नाम गायब है जिसको लेकर विवाद जारी है. हाल ही में खेल रत्न अवार्ड के लिए नॉमिनेशन लिस्ट जारी हुई जिसमें उनका नाम नहीं था. इस विवाद को लेकर अब उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। खेल रत्न अवार्ड के लिए मनु भाकर का नाम न होने पर सवाल उठने लगे थे, और इस मुद्दे पर मीडिया में कई दावे भी किए गए थे। इस संदर्भ में मनु ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य कभी अवार्ड जीतना नहीं था, बल्कि हमेशा देश का सम्मान बढ़ाना रहा है।
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इस मामले पर क्या बोली मनु भाकर ?

इसी कड़ी में आगे, मनु भाकर (Manu Bhaker) ने कहा “मेरे लिए खेल रत्न अवार्ड या किसी अन्य सम्मान का मिलना प्रेरणादायक जरूर है, लेकिन ये मेरे मुख्य लक्ष्य नहीं हैं। मेरा कर्तव्य केवल देश के लिए खेलना है। अवार्ड की कोई बात नहीं, मेरा प्रयास हमेशा यही रहेगा कि मैं देश के लिए और अधिक मेडल जीतूं।”मनु भाकर ने यह भी कहा कि शायद नॉमिनेशन के दौरान कुछ गलतफहमी हुई हो, और इसके लिए उन्होंने जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि नॉमिनेशन के समय मुझसे गलती हो गई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि इस मुद्दे पर कोई अनावश्यक दावे न करें।”
कैसे शुरु हुआ ये विवाद ?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब खेल रत्न अवार्ड के लिए नामित खिलाड़ियों की सूची में मनु भाकर (Manu Bhaker) का नाम शामिल नहीं था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मनु और उनके परिवार ने पद्म श्री पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, लेकिन इसकी प्रक्रिया अलग थी। इस बारे में NRAI के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह ने बयान दिया था कि आवेदन करना खिलाड़ी की जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद, एसोसिएशन ने मनु के नाम को खेल मंत्रालय से सूची में शामिल करने का आग्रह किया था।
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बजरंग पूनिया की प्रतिक्रिया

इस बीच, इस मुद्दे पर पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “मनु भाकर अकेली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में भारत के लिए दो पदक जीते। क्या इतनी बड़ी अचीवमेंट के बाद भी मनु या उनके परिवार को अपने हक के लिए आवाज़ उठानी पड़ेगी?”
‘सरकारी सर्टिफिकेट की आपको कोई जरूरत नहीं’

बजरंग पूनिया ने आगे लिखा, “मनु आप कुछ मत बोलना, बहन। आप कुछ बोली तो ये सरकार और अधिकारी आपके करियर को खत्म करने तक जाएंगे। हम आपसे एक पीढ़ी पहले के खिलाड़ी हैं। थोड़ी सी आवाज़ उठाई थी, सम्मानजनक संन्यास तक लेने के लिए तरसा दिया।”उन्होंने यह भी कहा, “मनु, देश आपको बहुत प्यार करता है और जनता ने आपको तमाम बड़े पुरस्कारों से बड़ा सम्मान दिया है। सरकारी सर्टिफिकेट की आपको कोई जरूरत नहीं।”
इस विवाद के बाद मनु भाकर (Manu Bhaker) का बयान साफ करता है कि वे अवार्ड की बजाय सिर्फ देश के लिए और अधिक मेडल जीतने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। वहीं, उनके समर्थक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए, खासकर जब उन्होंने ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर भारत का नाम रोशन किया हो।
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