Mansa Devi Temple: देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने के मामले के बाद, उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करने और दान-दक्षिणा की पूरी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह व पारदर्शी बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
पुजारियों के लिए विशेष पोशाक नियम
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने दान राशि की हेराफेरी रोकने के लिए एक अनोखा और सख्त कदम उठाया है। अब मंदिर के गर्भगृह और परिसर में सेवा देने वाले सभी पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रस्ट का मानना है कि इस नई पोशाक नियमावली से चढ़ावे को लेकर किसी भी प्रकार के संदेह, आशंका या विवाद की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
“श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और मंदिर की सदियों पुरानी प्रतिष्ठा को अक्षुण्ण रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी एक व्यक्ति की चूक या गलत आचरण से पूरे मंदिर प्रबंधन की छवि धूमिल नहीं होने दी जाएगी। इसी सोच के साथ यह प्रशासनिक सुधार किया गया है।”— रविंद्र पुरी, अध्यक्ष, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट
पारदर्शी व्यवस्था के लिए 7 सदस्यीय विशेष समिति का गठन
चढ़ावे और गुप्त दान की प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन ने सात सदस्यों की एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है। इस विशेष समिति के सभी सदस्यों को पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने की बकायदा शपथ दिलाई गई है। यह सात सदस्यीय टीम दैनिक रूप से चढ़ावे के संग्रह, उसकी गिनती और सुरक्षित प्रबंधन पर पैनी नजर रखेगी ताकि वित्तीय अनियमितता की कोई भी संभावना न बचे। यह समिति समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का ऑडिट भी करेगी।
CCTV कैमरों से रखी जाएगी चौबीसों घंटे पैनी नजर
मानवीय चौकसी के साथ-साथ अब तकनीक के जरिए भी सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा रहा है। मनसा देवी मंदिर परिसर के कोने-कोने में, विशेषकर दान पात्रों और काउंटरों के पास, हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए चढ़ावे से जुड़ी हर गतिविधि की २४ घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। ट्रस्ट का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल सर्विलांस और सख्त मानवीय पहरेदारी के इस डबल लेयर कॉम्बिनेशन से मंदिर की दान व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही तय करना बेहद आसान हो जाएगा।










