PM Modi Speech: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल 2026 को राष्ट्र के नाम संदेश जारी किया। जहाँ एक ओर पीएम ने बिल गिरने के लिए विपक्षी दलों को ‘पापी’ करार दिया और महिलाओं से माफी मांगी, वहीं दूसरी ओर आरजेडी (RJD) सांसद मनोज कुमार झा ने इसे सरकार का चुनावी स्टंट और प्रोपेगेंडा बताया है। झा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक गरिमा का उल्लंघन कर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है।
PM मोदी के भाषण की टाइमिंग पर कड़ा प्रहार
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री के भाषण की टाइमिंग और तरीके पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए विरोधी राजनीतिक दलों के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए तिरंगे और सरकारी मंच का अनुचित उपयोग किया जा रहा है। झा के अनुसार, “सरकारी खर्च पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा नहीं है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन संवैधानिक संस्थाओं से शिकायत की जा सकती थी, वे आज सत्ता पक्ष के कार्यालयों के निर्देशों पर काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री का क्षमा याचना संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में अत्यंत भावुक होते हुए देश की महिलाओं से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका, क्योंकि विपक्षी दलों ने इसमें अड़ंगा लगा दिया। पीएम ने कहा, “आज भारत की नारी शक्ति की उड़ान को बेरहमी से रोका गया है, जिसके लिए मैं देश की बेटियों से क्षमाप्रार्थी हूँ।” उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन बताते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध थी।
परिवारवादी पार्टियों पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके का नाम लेते हुए उन्हें महिला विरोधी और परिवारवादी मानसिकता वाली पार्टियां करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद में महिलाओं के हित का प्रस्ताव गिरा, तो ये दल खुशी से तालियां बजा रहे थे। पीएम मोदी के अनुसार, इन दलों के लिए ‘दल-हित’ हमेशा ‘देश-हित’ से ऊपर रहता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन की इस स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की करोड़ों महिलाओं को भुगतना पड़ा है, जो संसद की ओर बड़ी उम्मीदों से देख रही थीं।
पीएम मोदी का कड़े शब्दों में चेतावनी
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले दलों को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे विपक्ष की मंशा को भली-भांति भांप चुकी हैं। पीएम ने दावा किया कि संसद में जो ‘पाप’ विपक्ष ने किया है, उसकी सजा उन्हें आने वाले चुनावों में जनता जरूर देगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं, उन्हें सच्चाई का सामना करना ही होगा।









